नई दिल्ली। पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदम उठाने पर विचार कर रही है। सूत्रों के अनुसार, भारत पाकिस्तानी एयरलाइंस के लिए अपनी हवाई सीमा बंद करने और भारतीय बंदरगाहों पर पाकिस्तानी जहाजों के प्रवेश पर रोक लगाने की योजना बना रहा है। यह कदम पाकिस्तान द्वारा भारतीय एयरलाइंस के लिए अपनी हवाई सीमा बंद करने के जवाब में है, जो पहलगाम हमले के बाद तनाव बढ़ने का परिणाम है।
पहलगाम के बैसरण घाटी में हुए हमले में 26 पर्यटकों की मौत हुई, जिसमें 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक शामिल थे। हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली। भारत ने इसे पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद करार देते हुए कई कूटनीतिक कदम उठाए, जिसमें 1960 के सिंधु जल संधि को निलंबित करना, अटारी-वाघा सीमा बंद करना और दोनों देशों में राजनयिक उपस्थिति घटाना शामिल है।
पाकिस्तान को 100 मिलियन डॉलर का घाटा
पाकिस्तानी एयरलाइंस को भारतीय हवाई क्षेत्र से रोकने पर उनके दक्षिण-पूर्व एशियाई उड़ानों, जैसे कुआलालंपुर, को चीन या श्रीलंका के रास्ते लंबा रास्ता लेना होगा। इससे पाकिस्तान का नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (CAA) और पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) को लाखों डॉलर का नुकसान हो सकता है, जैसा कि 2019 में बालाकोट हमले के बाद हुआ था। तब पाकिस्तान को 100 मिलियन डॉलर का घाटा हुआ था।
भारतीय नागरिकों के लिए SAARC वीजा रद्द किए
भारतीय बंदरगाहों पर पाकिस्तानी जहाजों को प्रतिबंधित करने से द्विपक्षीय व्यापार पर और असर पड़ेगा, जो पहले ही निलंबित है। पाकिस्तान ने भी जवाबी कार्रवाई में वाघा सीमा बंद की और भारतीय नागरिकों के लिए SAARC वीजा रद्द किए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमलावरों को “पृथ्वी के छोर तक” खोजकर सजा देने की कसम खाई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) हमले की जांच कर रही है, जिसमें चार आतंकियों, तीन पाकिस्तानी और एक स्थानीय, की भूमिका सामने आई है। यह कदम भारत-पाक तनाव को और गहरा सकता है।
