नई दिल्ली। भारतीय रेलवे जल्द ही तत्काल टिकट बुकिंग के लिए ई-आधार वेरिफिकेशन को अनिवार्य करने जा रहा है। इस कदम का उद्देश्य टिकट दलालों और अनधिकृत बुकिंग पर रोक लगाना है, ताकि वास्तविक यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिल सके।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 4 जून को ट्वीट कर कहा, “भारतीय रेलवे जल्द ही तत्काल टिकट बुकिंग के लिए ई-आधार प्रमाणीकरण शुरू करेगी। इससे जरूरतमंद यात्रियों को टिकट मिलने में आसानी होगी।” यह योजना इस महीने के अंत से लागू होने की संभावना है।
IRCTC के अधिकृत एजेंटों को भी टिकट बुक करने की अनुमति नहीं
नई नीति के तहत, आधार से लिंक IRCTC अकाउंट वाले यात्रियों को तत्काल बुकिंग के पहले 10 मिनट में प्राथमिकता दी जाएगी। इस दौरान IRCTC के अधिकृत एजेंटों को भी टिकट बुक करने की अनुमति नहीं होगी। तत्काल बुकिंग की विंडो सुबह 10 बजे AC कोच और 11 बजे स्लीपर कोच के लिए खुलती है और आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, 50% से अधिक टिकट पहले 10 मिनट में बुक हो जाते हैं।
रेलवे ने ऑटोमेटेड बुकिंग टूल्स के दुरुपयोग को रोकने के लिए पिछले छह महीनों में 24 मिलियन से अधिक संदिग्ध उपयोगकर्ता खातों को ब्लॉक किया है और 2 मिलियन अन्य खातों की जांच चल रही है। वर्तमान में IRCTC के 130 मिलियन सक्रिय उपयोगकर्ताओं में से केवल 12 मिलियन आधार-सत्यापित हैं।
दलालों द्वारा टिकटों की जमाखोरी कम होगी
यह कदम यात्रियों के लिए तत्काल टिकट की उपलब्धता बढ़ाने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में है। आधार वेरिफिकेशन से यात्रियों की पहचान सुनिश्चित होगी, जिससे दलालों द्वारा टिकटों की जमाखोरी कम होगी। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने IRCTC अकाउंट को आधार से लिंक करें, जिसमें माय प्रोफाइल टैब में जाकर आधार नंबर और OTP के जरिए सत्यापन करना होगा। रेलवे का यह कदम यात्रा को सुगम और निष्पक्ष बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
