‘कुंभ में भी हुआ हादसा…’ काफिले में हुई कार्यकर्ता की मौत के मामले में जगन रेड्डी को अदालत से राहत

अमरावती। आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने वाईएसआरसीपी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी को एक सड़क दुर्घटना मामले में अंतरिम राहत दी है, जिसमें उनके काफिले के वाहन से एक पार्टी कार्यकर्ता की मौत हो गई थी। यह घटना 18 जून 2025 को गुंटूर जिले के एटुकुरु गांव में हुई, जब 65 वर्षीय वाईएसआरसीपी समर्थक चीली सिंगैया अपने नेता पर फूल बरसाने की कोशिश में कथित तौर पर जगन की बुलेटप्रूफ टोयोटा फॉर्च्यूनर के नीचे आ गए और उनकी मौत हो गई। अदालत ने इस मामले की सुनवाई 27 जून 2025 को की, जहां न्यायमूर्ति वाई. लक्ष्मण राव ने जगन को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया।

जगन के वकीलों ने तर्क दिया कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना थी और इसे राजनीतिक प्रतिशोध के लिए गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी दुर्घटनाएं बड़े आयोजनों, जैसे कुंभ मेला में भी होती हैं, जहां भीड़ अनियंत्रित हो जाती है। पुलिस ने केवल तीन वाहनों और 100 लोगों को अनुमति दी थी, लेकिन हजारों समर्थकों की भीड़ जमा हो गई थी। जगन ने दावा किया कि उनकी जेड+ सुरक्षा के बावजूद पुलिस ने पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, जैसे रस्सी पार्टी या रोड क्लीयरेंस, प्रदान नहीं की।

सरकार द्वारा छवि खराब करने की साजिश बताया

पुलिस ने शुरू में दावा किया था कि सिंगैया एक निजी वाहन से टकराए थे, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और ड्रोन वीडियो से पुष्टि हुई कि यह जगन का वाहन था। इसके बाद जगन, उनके ड्राइवर रमना रेड्डी, निजी सहायक के. नागेश्वर रेड्डी, पूर्व सांसद वाई.वी. सुब्बारेड्डी, पूर्व विधायक पेर्नी वेंकटरमैया और पूर्व मंत्री विदादाला राजिनी के खिलाफ भादंसं की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) और 49 (उकसाने) के तहत मामला दर्ज किया गया। वाईएसआरसीपी ने इन आरोपों को टीडीपी-एनडीए सरकार द्वारा छवि खराब करने की साजिश बताया।

अदालत ने अगली सुनवाई तक जगन को राहत दी है और जांच जारी है। वाईएसआरसीपी ने मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी।

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