नई दिल्ली। बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में 4 जून 2025 को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) की आईपीएल जीत के जश्न के दौरान हुई भगदड़ में 11 लोगों की मौत और 50 से अधिक के घायल होने की घटना की जांच रिपोर्ट ने आरसीबी, कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (केएससीए), इवेंट मैनेजमेंट कंपनी डीएनए और बेंगलुरु पुलिस को जिम्मेदार ठहराया है।
रिटायर्ड जज जॉन माइकल डी’कुन्हा की अध्यक्षता वाली एकल जांच समिति ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसमें कहा गया कि आयोजकों को इस आयोजन की असंभवता का पता था, फिर भी इसे आयोजित किया गया।
आरसीबी ने विजय परेड और मुफ्त पास की घोषणा की
रिपोर्ट में बताया गया कि आरसीबी ने बिना पुलिस की अनुमति के सोशल मीडिया पर विजय परेड और मुफ्त पास की घोषणा की, जिससे 2.5 लाख से अधिक लोग स्टेडियम के आसपास जमा हो गए, जबकि इसकी क्षमता केवल 32,000 थी। आयोजन में भीड़ नियंत्रण के लिए कोई बैरिकेड, साइनेज या डिजिटल टिकटिंग की व्यवस्था नहीं थी। स्टेडियम के पास एक नाले पर रखा अस्थायी स्लैब भीड़ के दबाव में ढह गया, जिससे भगदड़ मच गई।
अपर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और समन्वय की कमी
रिपोर्ट ने पुलिस की नाकामी को भी उजागर किया, जिसमें अपर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और समन्वय की कमी शामिल है। इसके चलते बेंगलुरु पुलिस आयुक्त बी. दयानंद सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित किया गया। जांच में 130 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए, जिसमें आयोजकों और पुलिस के बीच समन्वय की कमी और ऑफलाइन टिकटिंग की गलतियां सामने आईं।
17 जुलाई को कैबिनेट में चर्चा के लिए रखा जाएगा
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि रिपोर्ट को 17 जुलाई को कैबिनेट में चर्चा के लिए रखा जाएगा। आरसीबी, केएससीए और डीएनए के खिलाफ आपराधिक लापरवाही के लिए प्राथमिकी दर्ज की गई है, और जांच अब सीआईडी को सौंपी गई है। सरकार ने मृतकों के परिवारों के लिए 10 लाख रुपये की सहायता और घायलों के लिए मुफ्त इलाज की घोषणा की है। यह घटना भविष्य में बड़े आयोजनों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
