भुवनेश्वर। ओडिशा के बालासोर स्थित फकीर मोहन स्वायत्त कॉलेज की 20 वर्षीय छात्रा की आत्मदाह से हुई मौत के बाद उसके पिता ने गहरे षड्यंत्र का आरोप लगाया है। छात्रा, जो बीएड की दूसरी वर्ष की छात्रा थी, ने 12 जुलाई को कॉलेज परिसर में खुद को आग लगा ली थी, जिसके बाद 14 जुलाई को रात करीब 11:45 बजे उसे भुवनेश्वर के एम्स में मृत घोषित कर दिया गया। उसने अपने विभागाध्यक्ष (एचओडी) समीर रंजन साहू पर लंबे समय से यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने कथित तौर पर कार्रवाई नहीं की।
पिता ने दावा किया कि उनकी बेटी कॉलेज में अपनी आवाज उठाती थी, जिससे कुछ लोगों को आपत्ति थी। उन्होंने कहा, “सभी ने मिलकर मेरी बेटी को मरने के लिए मजबूर किया। यह आत्महत्या नहीं, हत्या है।” उनका आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन और अन्य लोगों ने साजिश के तहत उसे परेशान किया। छात्रा ने अपनी शिकायत में एचओडी पर यौन शोषण और धमकी देने का जिक्र किया था, लेकिन आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) ने प्रारंभिक जांच में सबूत नहीं पाए। इसके बाद भी प्रिंसिपल दिलीप कुमार घोष ने कथित तौर पर उसे शिकायत वापस लेने का दबाव डाला।
एचओडी समीर साहू और प्रिंसिपल दिलीप घोष को गिरफ्तार किया
घटना के बाद पुलिस ने एचओडी समीर साहू और प्रिंसिपल दिलीप घोष को गिरफ्तार किया है, जबकि प्रिंसिपल को निलंबित भी किया गया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपये की सहायता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित कर मामले की गहन जांच शुरू की गई है। दूसरी ओर, विपक्षी दलों ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए 17 जुलाई को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है।
इस घटना ने ओडिशा में महिलाओं की सुरक्षा और शैक्षणिक संस्थानों की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं। छात्रा के अंतिम संस्कार में हजारों लोग शामिल हुए, जहां पिता ने न्याय की लड़ाई जारी रखने की शपथ ली। मामले की गूंज राजनीतिक गलियारों में भी सुनाई दे रही है, और जांच के नतीजे का इंतजार है।
