अहमदाबाद। गुजरात पुलिस की आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़े एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए चार आतंकियों को गिरफ्तार किया। 20 से 25 वर्ष की आयु के इन आतंकियों की पहचान मोहम्मद फैक (दिल्ली), मोहम्मद फरदीन (अहमदाबाद, गुजरात), सैफुल्लाह कुरैशी (मोदासा, गुजरात), और जीशान अली (नोएडा, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। ये आतंकी भारत के प्रमुख और संवेदनशील स्थानों पर हमले की योजना बना रहे थे।
गुजरात ATS के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल सुनील जोशी ने बताया कि ये चारों आतंकी एक सोशल मीडिया ऐप के जरिए आपस में जुड़े थे और इनके सीमा पार आतंकी संगठनों से भी संपर्क थे। दो आतंकियों को गुजरात से, एक को दिल्ली और एक को नोएडा से गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि ये आतंकी नकली मुद्रा रैकेट में भी शामिल थे और अल-कायदा की विचारधारा को फैलाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे थे।
बातचीत को छिपाने के लिए ऑटो-डिलीट ऐप्स का उपयोग
ATS ने खुफिया जानकारी और समन्वित निगरानी के आधार पर यह ऑपरेशन चलाया। आतंकियों ने अपनी बातचीत को छिपाने के लिए ऑटो-डिलीट ऐप्स का उपयोग किया था। गिरफ्तारी के दौरान हथियार या विस्फोटक बरामद होने की जानकारी अभी सामने नहीं आई है। यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को कश्मीर के पाहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत के आतंकवाद विरोधी अभियानों में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें 26 लोग मारे गए थे।
संयुक्त राष्ट्र की एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि अल-कायदा अपनी क्षेत्रीय शाखा AQIS को भारत, बांग्लादेश और म्यांमार में आतंकी गतिविधियों के लिए मजबूत कर रहा है। भारत में अल-कायदा के करीब 200 आतंकी सक्रिय हैं। इस गिरफ्तारी ने देश की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया है।
