ईरान का दावा: हमले के बाद US युद्धपोत ‘अब्राहम लिंकन’ 1000 किमी पीछे हटा, अमेरिका ने कहा – झूठ!

US युद्धपोत 'अब्राहम लिंकन' 1000 किमी पीछे हटा

नई दिल्ली। ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच चल रहा संघर्ष अब 11वें दिन में दाखिल हो गया है, जहां दोनों पक्ष मिसाइलों और ड्रोनों से एक-दूसरे पर लगातार हमले कर रहे हैं। युद्ध शुरू होने के बाद ईरान ने अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन पर चार मिसाइल दागने का दावा किया था, जिसे अमेरिकी सेना ने पूरी तरह खारिज कर दिया था और इसे झूठा प्रचार बताया था।

अब ईरानी सेना ने नया दावा किया है कि उन मिसाइलों के बाद अमेरिकी जहाज ईरान से करीब 1000 किलोमीटर दूर चला गया है, जिसे वे अपनी सफलता का सबूत बता रहे हैं। हालांकि, अमेरिकी CENTCOM ने फोटो जारी कर साबित किया है कि जहाज अभी भी अरब सागर में सामान्य ऑपरेशन चला रहा है और कोई नुकसान नहीं हुआ।

ट्रंप ने दिए युद्ध को जल्द खत्म करने के संकेत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध को जल्द खत्म करने के संकेत दिए हैं और दावा किया है कि ईरान की नौसेना, वायुसेना और ज्यादातर हथियार नष्ट हो चुके हैं। ट्रंप के अनुसार, पहले दो-तीन दिनों में ही ईरानी सेना की मुख्य क्षमता खत्म कर दी गई, जिससे बड़ा खतरा टल गया है। उन्होंने कहा है कि अब एक नए ईरान के निर्माण की शुरुआत हो चुकी है और ईरान की सैन्य ताकत लगभग खत्म हो गई है।

ट्रंप ने ईरान से बिना शर्त समर्पण की मांग की है और चेतावनी दी है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल की आवाजाही रोकी गई तो ईरान को 20 गुना ज्यादा जोरदार जवाब दिया जाएगा। ईरानी राष्ट्रपति ने पहले खाड़ी देशों पर हमला न करने की बात कही थी, लेकिन अब स्थिति उलट दिख रही है। ईरान ने खाड़ी के कई देशों को निशाना बनाया है और उसके प्रॉक्सी ग्रुप भी सक्रिय हो गए हैं।

इजरायल पर पूरी ताकत से हमले जारी रखेंगे: हिज्बुल्लाह

हिज्बुल्लाह ने घोषणा की है कि वे इजरायल पर पूरी ताकत से हमले जारी रखेंगे और दुश्मन को अपनी जमीन से खदेड़े बिना पीछे नहीं हटेंगे। लेबनान में इजरायली जवाबी कार्रवाई से सैकड़ों मौतें हो चुकी हैं और क्षेत्रीय तनाव बढ़ता जा रहा है। ईरान के IRGC ने कहा है कि युद्ध का अंत ईरान के हाथ में है और वे अमेरिकी नौसेना का इंतजार कर रहे हैं।

यह युद्ध अब क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बन चुका है। दोनों पक्षों के दावों में भारी विरोधाभास है, जहां ईरान अपनी रक्षात्मक सफलता का प्रचार कर रहा है, वहीं अमेरिका-इजरायल मजबूत हमलों का दावा कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय युद्धविराम की मांग कर रहा है, लेकिन फिलहाल कोई ठोस प्रगति नहीं दिख रही। स्थिति तेजी से बदल रही है और आगे क्या होता है, यह देखना बाकी है।

 

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