नई दिल्ली। ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच चल रहा संघर्ष अब 11वें दिन में दाखिल हो गया है, जहां दोनों पक्ष मिसाइलों और ड्रोनों से एक-दूसरे पर लगातार हमले कर रहे हैं। युद्ध शुरू होने के बाद ईरान ने अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन पर चार मिसाइल दागने का दावा किया था, जिसे अमेरिकी सेना ने पूरी तरह खारिज कर दिया था और इसे झूठा प्रचार बताया था।
अब ईरानी सेना ने नया दावा किया है कि उन मिसाइलों के बाद अमेरिकी जहाज ईरान से करीब 1000 किलोमीटर दूर चला गया है, जिसे वे अपनी सफलता का सबूत बता रहे हैं। हालांकि, अमेरिकी CENTCOM ने फोटो जारी कर साबित किया है कि जहाज अभी भी अरब सागर में सामान्य ऑपरेशन चला रहा है और कोई नुकसान नहीं हुआ।
The USS Abraham Lincoln, which was supposed to escort Western oil tankers through the Strait of Hormuz, fled to a distance of 1,000 kilometers from Iran after four Iranian missiles were fired. https://t.co/UHxYgZF60y
— Iran Military Monitor ☫ (@IRIran_Military) March 10, 2026
ट्रंप ने दिए युद्ध को जल्द खत्म करने के संकेत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध को जल्द खत्म करने के संकेत दिए हैं और दावा किया है कि ईरान की नौसेना, वायुसेना और ज्यादातर हथियार नष्ट हो चुके हैं। ट्रंप के अनुसार, पहले दो-तीन दिनों में ही ईरानी सेना की मुख्य क्षमता खत्म कर दी गई, जिससे बड़ा खतरा टल गया है। उन्होंने कहा है कि अब एक नए ईरान के निर्माण की शुरुआत हो चुकी है और ईरान की सैन्य ताकत लगभग खत्म हो गई है।
ट्रंप ने ईरान से बिना शर्त समर्पण की मांग की है और चेतावनी दी है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल की आवाजाही रोकी गई तो ईरान को 20 गुना ज्यादा जोरदार जवाब दिया जाएगा। ईरानी राष्ट्रपति ने पहले खाड़ी देशों पर हमला न करने की बात कही थी, लेकिन अब स्थिति उलट दिख रही है। ईरान ने खाड़ी के कई देशों को निशाना बनाया है और उसके प्रॉक्सी ग्रुप भी सक्रिय हो गए हैं।
इजरायल पर पूरी ताकत से हमले जारी रखेंगे: हिज्बुल्लाह
हिज्बुल्लाह ने घोषणा की है कि वे इजरायल पर पूरी ताकत से हमले जारी रखेंगे और दुश्मन को अपनी जमीन से खदेड़े बिना पीछे नहीं हटेंगे। लेबनान में इजरायली जवाबी कार्रवाई से सैकड़ों मौतें हो चुकी हैं और क्षेत्रीय तनाव बढ़ता जा रहा है। ईरान के IRGC ने कहा है कि युद्ध का अंत ईरान के हाथ में है और वे अमेरिकी नौसेना का इंतजार कर रहे हैं।
यह युद्ध अब क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बन चुका है। दोनों पक्षों के दावों में भारी विरोधाभास है, जहां ईरान अपनी रक्षात्मक सफलता का प्रचार कर रहा है, वहीं अमेरिका-इजरायल मजबूत हमलों का दावा कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय युद्धविराम की मांग कर रहा है, लेकिन फिलहाल कोई ठोस प्रगति नहीं दिख रही। स्थिति तेजी से बदल रही है और आगे क्या होता है, यह देखना बाकी है।
