नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने स्पीकर के खिलाफ हाल ही में लाए गए अविश्वास प्रस्ताव की चर्चा के दौरान उनके धैर्य, संयम और पूर्ण निष्पक्षता की खूब प्रशंसा की है। पत्र में संसद को संवाद, तर्क और विचार-विमर्श का पवित्र मंच करार दिया गया है, जहां देश के हर वर्ग की आवाज को सम्मानजनक स्थान मिलना चाहिए।
पीएम मोदी ने जोर दिया कि मर्यादा ही लोकतंत्र की असली ताकत है। उन्होंने कहा कि संसद में एक नई राजनीतिक संस्कृति विकसित हो रही है, जहां संवाद को प्रमुखता दी जा रही है। साथ ही कुछ लोगों पर तंज कसते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि वे वंशवादी और सामंती सोच के चलते लोकतांत्रिक संस्थाओं को अपने संकीर्ण हितों तक सीमित रखना चाहते हैं तथा नए नेतृत्व को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।
ओम बिरला ने पीएम का जताया आभार
यह पत्र 16 मार्च 2026 को लिखा गया है, जो पिछले सप्ताह लोकसभा में स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की लंबी बहस और उसके खारिज होने के बाद आया है। स्पीकर ओम बिरला ने पत्र का स्वागत करते हुए पीएम मोदी के प्रति आभार जताया और कहा कि प्रधानमंत्री ने हमेशा संसदीय परंपराओं, नियमों और उच्च नैतिक मूल्यों पर अटूट विश्वास दिखाया है
।इस बीच लोकसभा स्पीकर ने सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को अलग पत्र लिखकर संसद में सदस्यों के अनुचित व्यवहार, बैनर-पोस्टर-तख्तियों के इस्तेमाल और भाषा की गुणवत्ता पर चिंता जताई है। उन्होंने गरिमापूर्ण चर्चा की पुरानी परंपरा बनाए रखने की अपील की और सभी दलों से अपने सांसदों के आचरण व अनुशासन पर ध्यान देने का आग्रह किया।
