‘नीतीश नहीं तो…’, अनंत सिंह ने चुनावी राजनीति से संन्यास का किया ऐलान, बेटे को सौंपेंगे विरासत

अनंत सिंह ने चुनावी राजनीति से संन्यास का किया ऐलान

नई दिल्ली। बिहार के मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह ने 16 मार्च 2026 को राज्यसभा चुनाव में वोट डालने के बाद चुनावी राजनीति से संन्यास की घोषणा कर दी है। उन्होंने कहा कि यह उनका आखिरी कार्यकाल है और अब वे कोई चुनाव नहीं लड़ेंगे। अनंत सिंह ने यह बयान पटना में वोटिंग के दौरान दिया और फिर भारी सुरक्षा के बीच बेऊर जेल लौट गए। वह वर्तमान में दुलार चंद यादव हत्याकांड में जेल में बंद हैं।

अनंत सिंह ने नीतीश कुमार के प्रति अपनी पूरी निष्ठा जताते हुए कहा कि यदि नीतीश कुमार राजनीति में नहीं रहेंगे या मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे, तो वे और उनके साथी भी चुनावी मैदान में नहीं उतरेंगे। उन्होंने नीतीश कुमार के हर फैसले को स्वीकार करने की बात कही और यदि निशांत कुमार (नीतीश के बेटे) मुख्यमंत्री बनें तो उनका भी पूरा समर्थन होगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और राजनीतिक भूमिका बदलने की चर्चाएं जोरों पर हैं।

निशांत को पूरा समर्थन देने की बात कही

अनंत सिंह ने अपने बड़े बेटे को आगे राजनीति में उतारने का संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में उनकी जगह उनका बेटा चुनाव लड़ेगा। ‘छोटे सरकार’ के नाम से मशहूर अनंत सिंह लंबे समय से नीतीश कुमार के करीबी रहे हैं और कई बार कह चुके हैं कि वे सिर्फ नीतीश के कहने पर राजनीति में आए थे।

यह घोषणा बिहार की सियासत में हलचल मचा सकती है, खासकर जदयू के भीतर और मोकामा क्षेत्र में, जहां अनंत सिंह का मजबूत प्रभाव रहा है। राज्यसभा चुनाव के संदर्भ में यह बयान नीतीश कुमार के नेतृत्व और परिवार की राजनीतिक भूमिका पर भी नई बहस छेड़ सकता है।

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