नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्यसभा में अपने डिप्टी लीडर पद से राघव चड्ढा को हटा दिया है। उनकी जगह पंजाब से राज्यसभा सांसद अशोक कुमार मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर चड्ढा को सदन में बोलने का समय न देने का अनुरोध भी किया है।
इस फैसले के कुछ घंटों बाद राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पहली प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक इमोशनल वीडियो शेयर किया, जिसमें संसद में उनके द्वारा जनता के विभिन्न मुद्दों को उठाने के क्लिप्स दिखाए गए हैं। वीडियो के साथ लिखा, “मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझना… मुझे खामोश करवाया गया है, लेकिन मैं हारा नहीं हूं।”
Silenced, not defeated
My message to the ‘aam aadmi’
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खामोश करवाया गया हूँ, हारा नहीं हूँ‘आम आदमी’ को मेरे संदेश pic.twitter.com/poUwxsu0S3
— Raghav Chadha (@raghav_chadha) April 3, 2026
मैं जनता के मुद्दे को उठाता हूं: राघव चड्ढा
उन्होंने आगे कहा, “मुझे जब-जब संसद में बोलने का मौका मिलता है, मैं जनता के मुद्दे उठाता हूं। क्या जनता के मुद्दे उठाना कोई अपराध है? क्या मैंने कोई गुनाह कर दिया? ये सवाल इसलिए कर रहा हूं क्योंकि AAP ने संसद को कहा है कि राघव चड्ढा को बोलने का मौका न दिया जाए।”
पिछले कुछ समय से राघव चड्ढा की पार्टी के प्रमुख मुद्दों पर चुप्पी और शीर्ष नेतृत्व से दूरी को लेकर अटकलें चल रही थीं। खासकर दिल्ली शराब नीति मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के बरी होने के बाद चड्ढा ने कोई सार्वजनिक बयान या मुलाकात नहीं की थी।
अशोक मित्तल ने इसे रूटीन बदलाव बताया
पार्टी के नए डिप्टी लीडर अशोक मित्तल ने इसे रूटीन बदलाव बताया और कहा कि हर किसी को मौका मिलना चाहिए। यह घटना AAP के अंदर संभावित मतभेद की चर्चाओं को और तेज कर रही है। राघव चड्ढा, जो संसद में मध्यम वर्ग और आम आदमी के मुद्दों को प्रभावशाली तरीके से उठाने के लिए जाने जाते हैं, अब पार्टी लाइन से अलग-थलग नजर आ रहे हैं।
