नई दिल्ली। सावन या श्रावण हिंदू पंचांग का पांचवां महीना है, जो भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। इस साल द्रिक पंचांग के अनुसार सावन 30 जुलाई 2026 से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 को श्रावण पूर्णिमा पर समाप्त होगा। यह महीना शिव भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है।
सावन सोमवार का महत्व
सावन में सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित होता है। इस बार चार सावन सोमवार व्रत पड़ रहे हैं। उत्तर भारत में पहला सावन सोमवार 3 अगस्त, दूसरा 10 अगस्त, तीसरा 17 अगस्त और चौथा 24 अगस्त 2026 को है। भक्त इन दिनों व्रत रखकर शिव मंदिर जाते हैं और विशेष पूजा करते हैं।
दक्षिण भारत में अलग तिथियां
भारत में पूर्णिमांत और अमांत कैलेंडर के अंतर के कारण दक्षिण भारत (आंध्र, तेलंगाना, महाराष्ट्र आदि) में सावन की शुरुआत 13 अगस्त 2026 से होगी। वहां सोमवार की तिथियां भी अलग होंगी- पहला 17 अगस्त, दूसरा 24 अगस्त, तीसरा 31 अगस्त और चौथा 7 सितंबर 2026।
पूजा विधि और महत्व
सावन में शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, भांग आदि चढ़ाए जाते हैं। ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र जप, शिव चालीसा पाठ और आरती की जाती है। समुद्र मंथन कथा के अनुसार शिव ने हलाहल विष धारण कर संसार बचाया था, इसलिए यह महीना शिव पूजा के लिए खास है।
