नई दिल्ली। भोपाल के नीलबड़ इलाके में स्थित एक निजी कॉलेज (आरडी मेमोरियल कॉलेज) में 11 मार्च को आयोजित रोज़ा इफ्तार कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया। वीडियो में मुस्लिम छात्र-छात्राएं, कुछ स्टाफ सदस्य और हिंदू छात्राएं साथ बैठकर इफ्तार करते दिखाई दे रहे हैं। हिंदू संगठनों (विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल) ने इसे कॉलेज परिसर में ‘इस्लामीकरण’ और धार्मिक एजेंडा चलाने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने कॉलेज गेट पर नारेबाजी की, हनुमान चालीसा का पाठ किया और कुछ कार्यकर्ताओं ने परिसर में गंगाजल छिड़ककर ‘शुद्धिकरण’ किया। VHP संयोजक जितेंद्र चौहान ने कहा, “कॉलेज परिसर में धार्मिक एजेंडा चलाया जा रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” संगठनों का दावा है कि शिक्षा संस्थानों में ऐसे धार्मिक कार्यक्रम नहीं होने चाहिए और यह ‘इस्लामी जिहाद’ फैलाने की कोशिश है।
प्रशासन ने बताया धार्मिक सद्भाव
कॉलेज प्रशासन ने सफाई देते हुए कहा कि संस्थान में सभी धर्मों के त्योहार आपसी सौहार्द और भाईचारे के तहत मनाए जाते हैं। हाल ही में होली भी परिसर में मनाई गई थी, और इफ्तार कार्यक्रम इसी भावना के तहत आयोजित किया गया। प्रशासन ने इसे धार्मिक सद्भाव का उदाहरण बताया और कहा कि सभी छात्र-छात्राएं स्वेच्छा से शामिल हुए थे।
विवाद बढ़ने पर इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया और कॉलेज के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई। मामला सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जहां एक तरफ लोग इसे सद्भाव का प्रतीक बता रहे हैं, तो दूसरी तरफ धार्मिक कट्टरता का आरोप लगा रहे हैं। फिलहाल कोई बड़ी कार्रवाई या FIR की खबर नहीं है, लेकिन विवाद जारी है।
