अहमदाबाद। अहमदाबाद में हुए भीषण विमान हादसे के बाद एयर इंडिया की उड़ान AI171 के ब्लैक बॉक्स को दुर्घटनास्थल के पास एक इमारत की छत से बरामद किया गया। यह विमान, बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर, 12 जून को सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन के लिए उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद मेघानीनगर में एक मेडिकल कॉलेज हॉस्टल से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान में सवार 242 यात्रियों और चालक दल के 241 लोगों की मौत हो गई, जबकि जमीन पर 24 अन्य लोग मारे गए। यह बोइंग 787 का पहला घातक हादसा है।
सूत्रों के अनुसार, ब्लैक बॉक्स, जिसमें डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (एफडीआर) शामिल है, को मलबे से बरामद किया गया, लेकिन कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) अभी तक नहीं मिला।
एफडीआर को जांच के लिए दिल्ली भेजा गया
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने पुष्टि की कि एफडीआर को विश्लेषण के लिए दिल्ली भेजा गया है। यह डेटा विमान की गति, ऊंचाई, इंजन प्रदर्शन, और उड़ान नियंत्रण प्रणालियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेगा। जांचकर्ता जीईएनएक्स इंजन, विंग फ्लैप्स और लैंडिंग गियर की संभावित खराबी पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
इंजन, और हाइड्रोलिक सिस्टम की जांच अनिवार्य कर दी
डीजीसीए ने हादसे के बाद सभी एयर इंडिया बोइंग 787 विमानों के लिए प्रत्येक उड़ान से पहले ईंधन, इंजन, और हाइड्रोलिक सिस्टम की जांच अनिवार्य कर दी है। बोइंग और जीई एयरोस्पेस की टीमें जांच में सहयोग कर रही हैं। प्रारंभिक आशंकाएं इंजन विफलता, पक्षी टक्कर, या मैकेनिकल खराबी की ओर इशारा कर रही हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों की सहायता के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए। टाटा समूह, एयर इंडिया के मालिक, ने प्रत्येक पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये की सहायता राशि की घोषणा की। हादसे ने विमानन सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं, और विशेषज्ञ इसकी गहन जांच की मांग कर रहे हैं।
