कार्लोस अल्काराज को हराकर जैनिक सिनर ने जीता विंबलडन का खिताब, चौथी ग्रैंड स्लैम ट्रॉफी हासिल की

लंदन। विंबलडन 2025 के पुरुष एकल फाइनल में विश्व नंबर एक जैनिक सिनर ने स्पेन के कार्लोस अल्काराज को हराकर अपना पहला विंबलडन खिताब जीता। यह मुकाबला 13 जुलाई को सेंटर कोर्ट पर हुआ, जिसमें सिनर ने चार सेटों (4-6, 6-4, 6-4, 6-4) में जीत हासिल की। इस हार के साथ अल्काराज का लगातार तीसरी बार विंबलडन जीतने का सपना टूट गया, लेकिन उन्होंने हार को खेल भावना के साथ स्वीकार किया और सिनर के साथ अपनी प्रतिद्वंद्विता को टेनिस के लिए शानदार बताया।

अल्काराज ने हार के बाद कहा, “मैं इस प्रतिद्वंद्विता से बहुत खुश हूं। यह हमारे लिए और टेनिस के लिए शानदार है। जब भी हम एक-दूसरे के खिलाफ खेलते हैं, हमारा स्तर बहुत ऊंचा होता है। मुझे नहीं लगता कि टूर पर कोई और खिलाड़ी हमें इस तरह चुनौती दे सकता है।” उन्होंने सिनर को बधाई दी और कहा कि यह हार उन्हें और बेहतर बनाएगी। अल्काराज ने अपनी 24 मैचों की जीत की स्ट्रीक टूटने के बावजूद सकारात्मक रवैया दिखाया।

आखिरी तीन सेटों में की शानदार वापसी

यह मुकाबला तीन घंटे चार मिनट तक चला। सिनर ने पहला सेट 4-6 से गंवाया, लेकिन अगले तीन सेटों में शानदार वापसी की। उनकी सर्विस और बेसलाइन से सटीक शॉट्स ने अल्काराज को दबाव में रखा। सिनर ने 15 विनर्स और सात ऐस लगाए, जबकि अल्काराज ने 14 ऐस मारे, लेकिन सात डबल फॉल्ट्स ने उनकी मुश्किलें बढ़ाईं।

दोनों खिलाड़ियों की यह 11वीं भिड़ंत थी, और सिनर ने अब हेड-टू-हेड रिकॉर्ड को 5-8 कर लिया। यह जीत सिनर का चौथा ग्रैंड स्लैम खिताब है, और यह उनका पहला गैर-हार्ड कोर्ट खिताब है। अल्काराज ने कहा, “सिनर के खिलाफ जीतने के लिए मुझे बहुत ऊंचा स्तर दिखाना पड़ता है, जो मुझे बेहतर बनने के लिए प्रेरित करता है।”

अल्काराज की पहली ग्रैंड स्लैम फाइनल में हार

यह हार अल्काराज की पहली ग्रैंड स्लैम फाइनल हार थी, लेकिन उनकी खेल भावना और सिनर के प्रति सम्मान ने प्रशंसकों का दिल जीत लिया। दोनों की यह प्रतिद्वंद्विता टेनिस के भविष्य को और रोमांचक बनाने का वादा करती है।

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