नई दिल्ली। बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुक्रवार, 25 अप्रैल 2025 को स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी के मामले में बड़ी राहत दी। कोर्ट ने मुंबई पुलिस को कामरा की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी, लेकिन जांच को चेन्नई में जारी रखने की अनुमति दी। यह मामला कामरा के एक शो से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने फिल्म ‘दिल तो पागल है’ के गाने की पैरोडी गाते हुए शिंदे को ‘गद्दार’ (देशद्रोही) कहा था।
मामले की शुरुआत मार्च 2025 में हुई, जब कामरा ने मुंबई के खार इलाके में अपने शो ‘नया भारत’ में शिंदे के 2022 में शिवसेना में बगावत और उद्धव ठाकरे के खिलाफ जाने का मजाक उड़ाया। इसके बाद शिवसेना विधायक मूर्जी पटेल ने खार पुलिस स्टेशन में कामरा के खिलाफ भादंस की धारा 353(1)(ब) (सार्वजनिक उपद्रव) और 356(2) (मानहानि) के तहत एफआईआर दर्ज की। शिवसेना कार्यकर्ताओं ने शो के स्थान, हबीटैट स्टूडियो, में तोड़फोड़ भी की, जिसके लिए 12 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया, जिन्हें बाद में जमानत मिल गई।
उद्धव ठाकरे ने भी किया था ‘गद्दार’ शब्द का उपयोग
कामरा ने एफआईआर रद्द करने की मांग के साथ बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया, जिसमें तर्क दिया कि उनकी टिप्पणियां राजनीतिक व्यंग्य थीं और संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ए) के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हिस्सा थीं। उनके वकील नवरोज़ सीरवाई ने कहा कि उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और उद्धव ठाकरे ने भी शिंदे के लिए ‘गद्दार’ शब्द का उपयोग किया, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कामरा को मद्रास हाईकोर्ट से 17 अप्रैल तक अग्रिम जमानत
कोर्ट ने कामरा को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण देते हुए मुंबई पुलिस को तमिलनाडु के विल्लुपुरम में, जहां कामरा रहते हैं, स्थानीय पुलिस के सहयोग से उनका बयान दर्ज करने का निर्देश दिया। कामरा को पहले मद्रास हाई कोर्ट से 17 अप्रैल तक अग्रिम जमानत मिली थी।
यह मामला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राजनीतिक व्यंग्य के दायरे पर बहस को रेखांकित करता है। कामरा ने माफी मांगने से इनकार करते हुए कहा कि वह डरेंगे नहीं और पुलिस जांच में सहयोग करेंगे।
