नई दिल्ली। अमेरिका से भारत डिपोर्ट किए गए नागरिकों ने दावा किया कि उन्हें पूरी यात्रा के दौरान हाथ और पैर बांधकर एक सैन्य विमान से वापस भेजा गया था। अवैध अप्रवासियों पर डोनाल्ड ट्रंप की कार्रवाई के बीच बुधवार को 19 महिलाओं और 13 नाबालिगों सहित 104 लोगों को लेकर एक अमेरिकी सैन्य विमान अमृतसर हवाई अड्डे पर उतरा।
निर्वासित लोगों में से एक, पंजाब के गुरदासपुर के 36 वर्षीय जसपाल सिंह ने कहा कि अमृतसर में उतरने के बाद ही वे बंधन मुक्त हुए थे। उन्होंने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, “हमें लगा कि हमें दूसरे कैंप में ले जाया जा रहा है। तभी एक पुलिस अधिकारी ने हमें बताया कि हमें भारत ले जाया जा रहा है। हमें हथकड़ी लगा दी गई थी और हमारे पैरों में जंजीरें बांध दी गई थीं। इन्हें अमृतसर हवाई अड्डे पर खोला गया था।” सिंह ने कहा कि घर वापस भेजे जाने से पहले उन्हें 11 दिनों तक अमेरिका में हिरासत में रखा गया था।
भारतीय प्रवासियों के हाथों में हथकड़ी के साथ फोटो वायरल
हालांकि, इससे पहले बुधवार को सरकार ने एक तस्वीर की तथ्य-जांच की, जिसे सोशल मीडिया पर इस दावे के साथ व्यापक रूप से साझा किया गया था कि निर्वासन के दौरान भारतीय प्रवासियों को हथकड़ी लगाई गई थी और उनके पैरों को जंजीर से बांध दिया गया था। यह वास्तव में ग्वाटेमाला के नागरिकों की थी, भारतीयों की नहीं।
जसपाल सिंह उन कई अन्य भारतीयों में शामिल थे, जिन्हें 24 जनवरी को मैक्सिकन सीमा पर अमेरिकी सीमा गश्ती दल ने पकड़ लिया था। उन्होंने कहा कि उन्हें एक ट्रैवल एजेंट ने धोखा दिया है, जिसने उन्हें कानूनी तौर पर अमेरिका भेजने का वादा किया था।
