नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के गरोटा निवासी मुनिर अहमद को पाकिस्तानी महिला मिनाल खान से शादी छिपाने और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने के आरोप में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। मुनिर अप्रैल 2017 में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में शामिल हुए थे।
अहमद ने दावा किया कि उन्होंने सीआरपीएफ मुख्यालय से शादी की अनुमति प्राप्त करने के बाद ही मई 2024 में वीडियो कॉल के माध्यम से निकाह किया था। उन्होंने कहा कि उन्होंने 31 दिसंबर 2022 को अपनी शादी की मंशा के बारे में सूचित किया था और सभी आवश्यक दस्तावेज, जैसे पासपोर्ट, शादी का कार्ड और अपने माता-पिता, सरपंच व जिला विकास परिषद सदस्य के हलफनामे जमा किए थे।
मुनिर का दावा- मुख्यालय से अनुमति के बाद की शादी
अहमद के अनुसार, 30 अप्रैल 2024 को मुख्यालय से अनुमति मिलने के बाद ही उन्होंने शादी की। सीआरपीएफ का कहना है कि अहमद ने अपनी शादी की जानकारी छिपाई और मिनाल खान को उनके वीजा की वैधता समाप्त होने के बाद भी भारत में रहने की अनुमति दी, जो सेवा नियमों का उल्लंघन और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है।
वाघा-अटारी सीमा से भारत में की थी प्रवेश
मिनाल खान 28 फरवरी 2025 को वाघा-अटारी सीमा के रास्ते भारत आई थीं, लेकिन उनका 15 दिन का वीजा 22 मार्च को समाप्त हो गया था। इसके बाद, अहमद और मिनाल ने मार्च में दीर्घकालिक वीजा (एलटीवी) के लिए आवेदन किया और साक्षात्कार सहित सभी औपचारिकताएं पूरी कीं। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय ने उनकी डिपोर्टेशन पर अंतरिम रोक लगा दी, जिसके बाद मिनाल अहमद के जम्मू स्थित निवास पर रह रही हैं।
मुनिर ने कहा- वह अदालत का रुख करेंगे
यह मामला तब सामने आया जब 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने का आदेश दिया। अहमद ने अपनी बर्खास्तगी को चुनौती देने का फैसला किया है और कहा कि वह जल्द ही अदालत का रुख करेंगे। उनका कहना है कि उन्होंने सभी नियमों का पालन किया और उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है। सीआरपीएफ ने अहमद की कार्रवाई को गंभीर कदाचार मानते हुए बिना जांच के तत्काल बर्खास्तगी का आदेश दिया।
