अहमदाबाद। 17 साल के लंबे इंतजार और तीन बार फाइनल में हार का सामना करने के बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) ने आखिरकार इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025 का खिताब अपने नाम कर लिया। नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में आरसीबी ने पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) को 6 रनों से हराकर अपनी पहली आईपीएल ट्रॉफी जीती। इस जीत के साथ, बेंगलुरु के प्रशंसकों का नारा ‘ई साला कप नमदे’ (इस बार कप हमारा) साकार हो गया।
मैच में पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। आरसीबी ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 190/9 का स्कोर बनाया। विराट कोहली ने 43 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली, जबकि कप्तान रजत पाटीदार ने 26 रन जोड़े। जितेश शर्मा ने भी तेजतर्रार अंदाज में बल्लेबाजी की। पंजाब की ओर से अर्शदीप सिंह और काइल जैमीसन ने तीन-तीन विकेट लिए, लेकिन स्कोर को और सीमित करने में असफल रहे।
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शशांक सिंह पंजाब की ओर से लड़ते रहे
191 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब किंग्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही। 10 ओवर में वे 81/3 पर थे। शशांक सिंह ने पंजाब के लिए तेजी से रन बनाने की कोशिश की, लेकिन आरसीबी के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। क्रुणाल पांड्या ने अपनी शानदार गेंदबाजी से पंजाब की बल्लेबाजी को बांधे रखा और मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार जीता। पंजाब की टीम 20 ओवर में 184/7 तक ही पहुंच सकी, जिससे आरसीबी ने 6 रनों से जीत हासिल की।
तीन बार फाइनल में मिली थी हार
इस जीत ने आरसीबी के प्रशंसकों में उत्साह की लहर दौड़ा दी। 2008 में शुरू हुए आईपीएल में आरसीबी 2009, 2011 और 2016 में फाइनल तक पहुंची थी, लेकिन हर बार ट्रॉफी से चूक गई थी। कप्तान रजत पाटीदार ने इस जीत को टीम के सामूहिक प्रयास का नतीजा बताया। विराट कोहली ने भी इस जीत को अपने करियर का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।
