अमेरिका-ईरान वॉर में 11 दिनों में कितने लोगों की गई जान? डरानेवाले हैं मिडिल ईस्ट में मौत के आंकड़े

अमेरिका-ईरान वॉर

नई दिल्ली। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर शुरू किए गए सैन्य अभियान ने मिडिल ईस्ट में भयंकर तबाही मचा दी है। 28 फरवरी 2026 से शुरू इस संघर्ष ने अब 11वें दिन में प्रवेश कर लिया है, जिसमें ईरान के साथ-साथ लेबनान, खाड़ी देशों और अन्य क्षेत्रों में भी हिंसा फैल गई है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि युद्ध उनके प्लान के अनुसार तेजी से आगे बढ़ रहा है और जल्द समाप्त हो सकता है, लेकिन ईरान ने कड़ा प्रतिरोध जारी रखा हुआ है। इस युद्ध ने हजारों निर्दोष लोगों की जान ले ली है और वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में उछाल के साथ अस्थिरता बढ़ा दी है।

ईरान सबसे ज्यादा प्रभावित देश रहा है, जहां अमेरिकी-इजरायली हमलों से मौतों का आंकड़ा 1,200 से 1,700 के बीच पहुंच गया है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने 1,200+ मौतें दर्ज की हैं, जिनमें सैकड़ों महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।

1,708 मौतों का अनुमान

मानवाधिकार संगठन HRANA ने 1,708 मौतों का अनुमान लगाया है, जिसमें 1,200 से ज्यादा नागरिक, 187 सैन्यकर्मी और बाकी अज्ञात हैं। घायलों की संख्या 10,000 से 12,000 तक बताई जा रही है। विशेष रूप से एक स्कूल पर हमले में सैकड़ों बच्चियों की मौत ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया है।इजरायल में ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों से कुल 11-13 मौतें हुई हैं, जिनमें ज्यादातर नागरिक हैं, जैसे बेइत शेमेश शहर में 9 लोग मारे गए।

लेबनान में 400-486 मौतें

लेबनान में इजरायली जवाबी कार्रवाई से 400-486 मौतें दर्ज हुईं, जिसमें दर्जनों बच्चे और महिलाएं शामिल हैं। खाड़ी क्षेत्र (कुवैत, UAE, सऊदी अरब आदि) में कुल 20-23 मौतें हुईं, जबकि इराक में ईरान समर्थक लड़ाकों की 16+ मौतें हुईं। अमेरिकी सेना को भी झटका लगा है, जहां अब तक 7 सैनिकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।यह युद्ध न केवल मानवीय संकट पैदा कर रहा है, बल्कि क्षेत्रीय शांति को भी गंभीर खतरे में डाल रहा है।

तेहरान और अन्य शहरों में विनाशकारी हमलों से जहरीला धुआं फैल गया है, जिसका असर पड़ोसी देशों तक पहुंच रहा है। ट्रंप ने ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करने का दावा किया है, लेकिन ईरान के नए नेतृत्व ने युद्ध जारी रखने का संकेत दिया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय चिंतित है और युद्धविराम की मांग कर रहा है, लेकिन अभी कोई ठोस कदम नहीं उठा है।

10-11 दिनों के संघर्ष में आंकड़ा 2,000 के करीब

कुल मिलाकर, इस 10-11 दिनों के संघर्ष में मौतों का आंकड़ा 2,000 के करीब पहुंच चुका है, जिसमें नागरिकों की संख्या सबसे अधिक है। यह स्थिति वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी भारी पड़ रही है, क्योंकि तेल आपूर्ति प्रभावित हो गई है। उम्मीद है कि जल्द ही बातचीत से इस विनाशकारी युद्ध का अंत होगा, वरना और अधिक तबाही मच सकती है।

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