नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को चार प्रतिष्ठित व्यक्तियों को राज्यसभा के लिए नामित किया। इनमें प्रख्यात वकील उज्ज्वल देवराव निकम, पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला, इतिहासकार डॉ. मीनाक्षी जैन और केरल के सामाजिक कार्यकर्ता व शिक्षक सी. सदानंदन मास्टर शामिल हैं। यह नामांकन संविधान के अनुच्छेद 80(1)(क) के तहत किया गया, जो राष्ट्रपति को साहित्य, विज्ञान, कला और सामाजिक सेवा में विशेषज्ञता रखने वाले व्यक्तियों को नामित करने का अधिकार देता है। ये नामांकन सेवानिवृत्त सदस्यों से रिक्त हुई चार सीटों को भरने के लिए किए गए हैं।
उज्ज्वल निकम, 26/11 मुंबई आतंकी हमले में अजमल कसाब के खिलाफ विशेष लोक अभियोजक के रूप में अपनी भूमिका के लिए प्रसिद्ध हैं। उन्होंने 1993 के मुंबई बम विस्फोट और अन्य हाई-प्रोफाइल मामलों में भी अभियोजन का नेतृत्व किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निकम की कानूनी क्षेत्र में समर्पण और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने की प्रशंसा की। हर्षवर्धन श्रृंगला, 1984 बैच के भारतीय विदेश सेवा अधिकारी, पूर्व विदेश सचिव और अमेरिका, बांग्लादेश व थाईलैंड में राजदूत रह चुके हैं। उन्होंने 2023 में भारत की जी20 अध्यक्षता में मुख्य समन्वयक की भूमिका निभाई।
डॉ. मीनाक्षी जैन को 2016 में पद्म श्री से किया गया सम्मानित
डॉ. मीनाक्षी जैन, दिल्ली विश्वविद्यालय के गार्गी कॉलेज में इतिहास की पूर्व सहायक प्रोफेसर, भारतीय इतिहास और सभ्यता पर अपने शोध के लिए जानी जाती हैं। उन्हें 2016 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। उनके उल्लेखनीय कार्यों में ‘द बैटल फॉर राम’ और ‘सती’ शामिल हैं। सी. सदानंदन मास्टर, केरल के कन्नूर जिले से बीजेपी नेता, सामाजिक कार्य और शिक्षा में योगदान के लिए जाने जाते हैं। 1994 में कथित सीपीआई(एम) हमले में अपनी दोनों टांगें खोने के बावजूद उन्होंने राष्ट्रीय विकास के लिए कार्य किया
प्रधानमंत्री मोदी ने इन नामांकनों की सराहना करते हुए कहा कि ये व्यक्ति अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देंगे। यह कदम राज्यसभा में विविध प्रतिनिधित्व को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
