नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ में माओवादियों के खिलाफ एक बड़े अभियान में सुरक्षा बलों ने शुक्रवार को बस्तर क्षेत्र में कम से कम 31 नक्सलियों को मार गिराया। 24 साल पहले राज्य के गठन के बाद से यह ऑपरेशन एक ही कार्रवाई में सबसे अधिक संख्या में माओवादियों के मारे जाने की खबर है। इससे पांच महीने पहले सुरक्षा बलों ने कांकेर जिले में नक्सल के शीर्ष कैडरों सहित 29 नक्सलियों को मार गिराया था।
पुलिस महानिरीक्षक (बस्तर रेंज) सुंदरराज पी ने बताया कि नारायणपुर-दंतेवाड़ा सीमा पर थुलथुली और नेंदूर गांवों के बीच जंगल में दोपहर 1 बजे हुई गोलीबारी के दौरान राज्य के जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) का एक जवान ग्रेनेड शेल से घायल हो गया। संयुक्त अभियान में डीआरजी, स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और अन्य इकाइयों के जवान शामिल थे। इसे गुरुवार को खुफिया रिपोर्टों के बाद लॉन्च किया गया था जिसमें सुझाव दिया गया था कि डीकेएसजेडसी सदस्य कमलेश और वरिष्ठ कैडर नीति, नंदू और सुरेश सलाम सहित माओवादी नेता इलाके में छिपे हुए थे।
अभी तक 31 माओवादियों के शव बरामद
यह क्षेत्र इंद्रावती क्षेत्र समिति, पीएलजीए कंपनी नंबर 6 और प्लाटून 16 जैसी माओवादी इकाइयों का एक प्रसिद्ध गढ़ है। अब तक 31 शव बरामद किए गए हैं, रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि और माओवादी मारे गए होंगे।
2026 तक नक्सलियों को खत्म करने की योजना
सुरक्षा बलों ने एक एके-47, एक एसएलआर, एक इंसास राइफल, एक एलएमजी और एक .303 राइफल सहित हथियारों का जखीरा भी जब्त किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुरक्षा बलों की बहादुरी की सराहना की और नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया। बता दें, इस साल सुरक्षाबलों की कार्रवाई में अब तक 185 नक्सली मारे गए हैं। केंद्र सरकार ने साल 2026 तक देश से नक्सलियों को पूरी तरह खत्म की योजना बनाई है।
