जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तानी घुसपैठियों के साथ मुठभेड़ में घायल सैन्य अधिकारी की मौत

नई दिल्ली। जम्मू और कश्मीर के अखनूर सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास भारतीय सेना और आतंकवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक जूनियर कमीशंड ऑफिसर (जेसीओ) शहीद हो गए। यह घटना शुक्रवार देर रात उस समय हुई जब सेना के जवान घने जंगल क्षेत्र में गश्त कर रहे थे और उन्हें एक नाले के पास संदिग्ध गतिविधि दिखाई दी।

सूत्रों के अनुसार, भारी हथियारों से लैस आतंकवादी समूह ने घुसपैठ की कोशिश की, जिसे सेना ने नाकाम कर दिया। आतंकियों ने जवानों पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके जवाब में सेना ने भी फायरिंग की। इस भीषण मुठभेड़ में जेसीओ को गंभीर चोटें आईं और बाद में उनकी मृत्यु हो गई।

सेना ने तुरंत इलाके को घेर लिया

यह मुठभेड़ अखनूर के केरी भट्टल इलाके में हुई, जो एलओसी के करीब है। सेना ने तुरंत क्षेत्र को घेर लिया और अतिरिक्त टुकड़ियों को तैनात कर दिया। शनिवार सुबह तक इलाके में तलाशी अभियान जारी था। अधिकारियों का मानना है कि ये आतंकवादी हाल ही में सीमा पार से घुसपैठ करने में सफल रहे थे।

इस घटना ने एक बार फिर सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और घुसपैठ के खतरों को लेकर सवाल खड़े किए हैं। यह मुठभेड़ भारत और पाकिस्तान के बीच पुंछ जिले में दो दिन पहले हुई ब्रिगेड कमांडर स्तर की बैठक के ठीक बाद हुई, जिसमें सीमा प्रबंधन और तनाव कम करने पर चर्चा हुई थी।

एक आईईडी विस्फोट में दो सैनिक शहीद हुए

सेना ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करने में उनके जवान कामयाब रहे, लेकिन एक बहादुर सैनिक की जान चली गई। इससे पहले फरवरी में भी अखनूर के भट्टल इलाके में एक आईईडी विस्फोट में दो सैनिक शहीद हुए थे। सेना ने अपने बयान में शहीद जेसीओ को श्रद्धांजलि दी और उनके बलिदान को सलाम किया। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, मुठभेड़ के दौरान इलाके में भारी गोलीबारी की आवाजें सुनाई दीं, जिससे आसपास के गांवों में दहशत फैल गई।

कुछ महीनों में सीमा पार से घुसपैठ और हमलों में वृद्धि

यह घटना जम्मू और कश्मीर में बढ़ती आतंकी गतिविधियों का संकेत देती है। पिछले कुछ महीनों में सीमा पार से घुसपैठ और हमलों में वृद्धि हुई है। सेना और सुरक्षा बलों ने आतंकियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है, लेकिन चुनौतियां बरकरार हैं। इस मुठभेड़ ने 2021 के संघर्ष विराम समझौते के बाद भी सीमा पर अस्थिरता को उजागर किया है। शहीद जवान के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की गई है, और सेना ने आतंकियों को मार गिराने के लिए अभियान जारी रखने का संकल्प दोहराया है।

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