नई दिल्ली। पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले के तीन दिन बाद, गुरुवार रात को जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पाकिस्तानी सेना ने कई चौकियों से छोटे हथियारों से गोलीबारी शुरू की। भारतीय सेना ने इसका प्रभावी और कड़ा जवाब दिया। सेना के सूत्रों के अनुसार, इस गोलीबारी में किसी भी तरह के नुकसान या हताहत की सूचना नहीं है। यह घटना हाल के वर्षों में असामान्य मानी जा रही है, क्योंकि पाकिस्तान की ओर से इस तरह की रातभर की गोलीबारी पहले कम ही देखी गई थी।
पहलगाम के बाइसरण मीडो में हुए आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा की शाखा द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली थी। हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदम उठाए, जिनमें इंडस वाटर ट्रीटी को निलंबित करना, अटारी सीमा बंद करना, और पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करना शामिल है।
पाकिस्तान ने अपनी उत्तरी सीमा पर लड़ाकू विमान तैनात किए
पाकिस्तानी सेना की इस गोलीबारी को पहलगाम हमले के बाद भारत की संभावित जवाबी कार्रवाई के डर से जोड़ा जा रहा है। खुफिया सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने अपनी उत्तरी सीमा पर लड़ाकू विमान तैनात किए हैं। दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है, और पाकिस्तान ने भारत के कदमों को युद्ध की कार्रवाई करार दिया है।
पीएम मोदी ने दोषियों को कड़ी सजा देने का किया वादा
इसी बीच, जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले में शुक्रवार को आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई, जिसमें एक आतंकी घायल हुआ और दो सुरक्षाकर्मी भी जख्मी हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले के दोषियों को कड़ी सजा देने का वादा किया है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी समर्थन हासिल किया है, जिसमें अमेरिका, रूस और यूरोपीय संघ ने हमले की निंदा की है।
