नई दिल्ली। भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में भारी मॉनसून बारिश ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें असम, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और मेघालय में कम से कम 25 लोगों की मौत हो चुकी है। भूस्खलन और अचानक बाढ़ ने इन क्षेत्रों में सामान्य जीवन को ठप कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले सात दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिसके कारण स्थिति और गंभीर हो सकती है।
मिजोरम, त्रिपुरा और मेघालय में पिछले 24 घंटों में आठ लोगों की मौत हुई, जिसमें भूस्खलन और बाढ़ प्रमुख कारण रहे। मणिपुर की राजधानी इंफाल में लगातार तीन दिनों की बारिश ने भारी जलभराव पैदा किया, जिससे इंफाल नदी के किनारे रहने वाले लोगों को निकालने की चेतावनी जारी की गई। सिक्किम में लगभग 1,500 पर्यटक फंसे हुए हैं, क्योंकि भारी बारिश से हुए भूस्खलन ने मुख्य सड़कों को अवरुद्ध कर दिया। मंगन जिले में एक वाहन के तेजपुर नदी में गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, दो घायल हुए और आठ लापता हैं।
कामरूप जिले में भूस्खलन से पांच लोगों की मौत हुई
असम में हालात सबसे गंभीर हैं, जहां कामरूप मेट्रोपॉलिटन जिले में भूस्खलन से पांच लोगों की मौत हुई। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, छह जिलों में बाढ़ ने 10,150 लोगों को प्रभावित किया है। गुवाहाटी में गंभीर जलभराव ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। ब्रह्मपुत्र और अन्य नदियाँ खतरे के निशान के करीब बह रही हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इसे “असामान्य स्थिति” बताया।
अरुणाचल प्रदेश में सात लोग भूस्खलन में मारे गए
मेघालय में तीन लोगों की मौत हुई, जिसमें एक महिला भूस्खलन में, एक पुरुष डूबने से और एक किशोर पेड़ गिरने से मारा गया। मिजोरम में घर ढहने और सड़कें अवरुद्ध होने की घटनाएं सामने आईं। अरुणाचल प्रदेश में सात लोग भूस्खलन में मारे गए। IMD ने असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश की संभावना जताई गई है। आपदा प्रबंधन टीमें राहत और बचाव कार्यों में जुटी हैं, लेकिन लगातार बारिश चुनौतियां बढ़ा रही है।
