पुरी। ओडिशा के पुरी में 29 जून 2025 को भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान श्री गुंडिचा मंदिर के पास सरधाबली क्षेत्र में एक दुखद भगदड़ की घटना हुई, जिसमें तीन श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 50 से अधिक लोग घायल हो गए। यह हादसा रविवार तड़के सुबह 4:00 से 4:30 बजे के बीच हुआ, जब हजारों भक्त रथ पर विराजमान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के दर्शन के लिए जमा थे। पुरी के जिला कलेक्टर सिद्धार्थ एस. स्वैन ने बताया कि भीड़ के दबाव में अव्यवस्था फैल गई, जिससे यह हादसा हुआ। मृतकों की पहचान प्रभाति दास (52), बसंती साहू (42) और प्रेमकांत मोहंती (78) के रूप में हुई, जो सभी खोरदा जिले के निवासी थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना तब हुई जब दो ट्रक, जिनमें पवित्र चारमाला लकड़ी थी, भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में प्रवेश कर गए, जिससे अफरातफरी मच गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पुलिस व्यवस्था न होने की शिकायतें सामने आईं। स्थानीय निवासी स्वाधीन कुमार पांडा ने प्रशासन पर भीड़ प्रबंधन में लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वीआईपी के लिए अलग रास्ता बनाया गया, जिससे आम भक्तों में अव्यवस्था बढ़ी। एक पीड़ित के पति ने आपातकालीन सेवाओं की कमी की शिकायत की, जिसमें अग्निशमन, बचाव दल या अस्पताल की त्वरित प्रतिक्रिया शामिल थी।
छह लोगों की हालत गंभीर बताई गई
घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां छह लोगों की हालत गंभीर बताई गई। मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए पुरी मेडिकल कॉलेज भेजा गया। ओडिशा के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को घटना की जानकारी दे दी गई है और जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह रथ यात्रा, जो 28 जून को शुरू हुई, लाखों भक्तों को आकर्षित करती है। रथ 2.6 किमी दूर गुंडिचा मंदिर तक पहुंचे थे, जहां देवता एक सप्ताह तक रहते हैं। इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं।
