ओडिशा के अस्पताल में भीषण आग, ICU में भर्ती 10 मरीजों की झुलसकर मौत; जांच के आदेश

ओडिशा के अस्पताल में भीषण आग

नई दिल्ली। ओडिशा के कटक में एससीबी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के ट्रॉमा केयर आईसीयू में 16 मार्च की सुबह करीब 2:30-3 बजे भीषण आग लग गई। आग की वजह प्रारंभिक जांच में इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट (एसी या मेडिकल इक्विपमेंट से) बताई जा रही है। आग लगते ही धुआं भर गया, जिससे क्रिटिकल मरीजों को सांस लेने में दिक्कत हुई और कई की मौत हो गई। आईसीयू में 23 मरीज भर्ती थे, ज्यादातर लाइफ सपोर्ट पर।

आग लगने के बाद हॉस्पिटल स्टाफ और फायर ब्रिगेड ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। तीन फायर इंजन लगाए गए और कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। रेस्क्यू के दौरान 7 मरीजों की मौत आईसीयू में ही हो गई, जबकि शिफ्टिंग के दौरान 3 और मरीजों ने दम तोड़ दिया। कुल 10 मरीजों की मौत हुई। कम से कम 5 मरीज गंभीर रूप से घायल हैं और 11 हॉस्पिटल स्टाफ को जलने की वजह से चोटें आईं, क्योंकि वे मरीजों को बचाने में जुटे थे। बचे मरीजों को न्यू मेडिसिन आईसीयू में शिफ्ट कर इलाज जारी है।

25 लाख रुपये की राशि देने का ऐलान

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और शोक जताया। उन्होंने प्रत्येक मृतक परिवार को ₹25 लाख की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया। सीएम ने कहा कि आग से बचाव में स्टाफ की बहादुरी सराहनीय है, लेकिन फायर सेफ्टी में कोई चूक हुई तो जांच होगी। सरकार ने हाई-लेवल जांच के आदेश दिए हैं, ताकि कारण और लापरवाही सामने आए।

ये हादसा ओडिशा के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में हुआ, जहां क्रिटिकल केयर मरीज थे। रेस्क्यू टीम ने कई जानें बचाईं, लेकिन 10 परिवारों का दर्द नाकाबिल-ए-बयान है। अब जांच से पता चलेगा कि फायर सेफ्टी सिस्टम, अलार्म और इमरजेंसी प्लान कितने प्रभावी थे। अस्पताल प्रशासन और सरकार से ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग तेज हो गई है।

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