मिडिल ईस्ट युद्ध में नया मोड़: साउथ पार्स गैस फील्ड पर इजराइल का हमला, ईरान ने किए जवाबी हमले

मिडिल ईस्ट युद्ध में नया मोड़

नई दिल्ली। 18-19 मार्च की रात इजराइल ने ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर बड़ा हमला किया, जो दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस क्षेत्र है और ईरान-कतर के बीच साझा है। यह हमला अमेरिका-इजराइल के ईरान युद्ध में ऊर्जा ढांचे पर अब तक का सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है। इजराइल ने असलुयेह प्रोसेसिंग हब और उत्पादन केंद्रों को निशाना बनाया, जिससे आग लग गई और उत्पादन प्रभावित हुआ।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका को इस हमले की जानकारी नहीं थी, लेकिन कुछ रिपोर्ट्स में अमेरिकी सहयोग का जिक्र है। ईरान ने इसे “पूर्ण आर्थिक युद्ध” करार दिया और जवाबी कार्रवाई की।ईरान ने तुरंत जवाबी हमले किए, जिसमें बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों से कतर, सऊदी अरब, कुवैत और यूएई के प्रमुख गैस और तेल ठिकानों पर हमला किया। कतर के रास लफ्फान इंडस्ट्रियल एरिया (दुनिया का सबसे बड़ा एलएनजी प्लांट) में मिसाइलें लगीं, जहां 4 में से 1 मिसाइल ने लक्ष्य भेदा।

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जुबैल पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर ड्रोन हमले

सऊदी अरब के समरेफ रिफाइनरी (यानबु) और जुबैल पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर ड्रोन हमले से आग लगी। कुवैत के मीना अल-अहमदी और मीना अब्दुल्ला रिफाइनरी में आग लगी, कई यूनिट बंद हो गईं। यूएई के अल-होस्न गैस फील्ड, हबशान गैस कॉम्प्लेक्स और बाब ऑयल फील्ड पर हमले हुए, जहां मिसाइल इंटरसेप्ट हुई लेकिन मलबे से उत्पादन रुक गया। किसी भी हमले में जानमाल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन आग बुझाने का काम जारी है। हमलों से वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा गया है।

दुनिया का 20 प्रतिशत एलएनजी सप्लाई करता है कतर

कतर दुनिया का 20% एलएनजी सप्लाई करता है (एशिया को 80%), और रास लफ्फान में भारी नुकसान से रिकवरी में 5 साल लग सकते हैं। कतर एनर्जी सीईओ साद अल-काबी ने कहा, “रमजान में किसी मुस्लिम देश द्वारा ऐसा हमला कल्पना से बाहर है।” यूरोप में गैस कीमतें 30% बढ़कर 2023 के बाद उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं, ब्रेंट क्रूड 120 डॉलर से ऊपर जा सकता है। भारत पर असर गंभीर – कतर से 14 मिलियन टन एलएनजी और 80-85% एलपीजी आयात होता है, जिससे सप्लाई चेन बाधित हो सकती है।

होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा पर खतरा बढ़ा

विशेषज्ञों का कहना है कि एलएनजी संकट महीनों-वर्षों तक रह सकता है, जिससे वैश्विक महंगाई बढ़ेगी। ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी कि कतर के गैस ठिकानों पर हमला जारी रहा तो साउथ पार्स को “पूरी तरह नष्ट” कर देंगे। ईरान ने कहा कि उसके पास सऊदी, यूएई और कतर के ठिकानों को निशाना बनाने का अधिकार है। होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा पर खतरा बढ़ा है, जो वैश्विक तेल निर्यात का मुख्य रूट है। यह युद्ध अब ऊर्जा युद्ध में बदल रहा है, जहां दोनों पक्ष प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बना रहे हैं, जिससे पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट और महंगाई का खतरा मंडरा रहा है।

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