नई दिल्ली। क्रिकेटर रिंकू सिंह उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया। कोलकाता नाइट राइडर्स और भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह को क्षेत्रीय खेल अधिकारी (RSO) के राजपत्रित पद पर नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ के लोक भवन में आयोजित समारोह में रिंकू सिंह समेत 15 खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। यह नियुक्ति रिंकू की क्रिकेट में शानदार उपलब्धियों और खासकर 2026 टी20 वर्ल्ड कप जीत में उनके योगदान को देखते हुए की गई है।
रिंकू सिंह अलीगढ़ के एक साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता खानचंद सिंह गैस सिलेंडर डिलीवरी का काम करते थे (अब स्वर्गीय हैं)। परिवार में 5 भाई और 1 बहन हैं। बचपन से आर्थिक तंगी झेलते हुए रिंकू ने 7-8 साल की उम्र से क्रिकेट शुरू किया। उन्होंने अलीगढ़ के मॉडर्न कॉन्वेंट स्कूल से पढ़ाई की और बाद में दिल्ली पब्लिक स्कूल में दाखिला लिया। व्यस्त क्रिकेट शेड्यूल के कारण ओपन स्कूल से सिर्फ 10वीं पास की। एक समय उन्हें कोचिंग सेंटर में सफाई कर्मचारी की नौकरी का ऑफर भी मिला था, लेकिन हौसले से उन्होंने सपना पूरा किया।
छोटे भाई ने हमारा सपना पूरा किया: सोनू सिंह
रिंकू के बड़े भाई सोनू सिंह ने भावुक होकर बताया, “मुझे भी क्रिकेट में बहुत दिलचस्पी थी, लेकिन ट्रायल्स और प्रक्रियाओं के बारे में पता नहीं था। जो सपना मैं पूरा नहीं कर सका, उसे छोटे भाई ने पूरा कर दिखाया।” रिंकू की यह नियुक्ति न सिर्फ उनके परिवार के लिए गर्व का विषय है, बल्कि गरीब परिवार से आने वाले युवाओं के लिए प्रेरणा भी बनेगी। सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उन्हें स्थिर करियर देने की दिशा में यह कदम उठा रही है।
यह फैसला आईपीएल 2026 से ठीक पहले आया है, जहां रिंकू केएल राहुल की कप्तानी वाली लखनऊ सुपर जायंट्स या अपनी पिछली टीम के साथ खेलते नजर आएंगे। रिंकू सिंह का सफर गैस हॉकर के बेटे से भारतीय क्रिकेटर और अब सरकारी अफसर तक पहुंचने का अनूठा उदाहरण है। युवा खिलाड़ी अब रिंकू को देखकर सोचेंगे कि मेहनत और लगन से कुछ भी हासिल किया जा सकता है।
