नई दिल्ली। ईरान ने अमेरिकी कंपनी Amazon के बहरीन स्थित डेटा सेंटर पर हमला कर दिया है। Financial Times की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी ड्रोन हमले के कारण बहरीन में Amazon Web Services (AWS) के ऑपरेशन्स प्रभावित हुए हैं। हालांकि डेटा सेंटर पर सीधा हमला नहीं हुआ, लेकिन आसपास हुए ड्रोन स्ट्राइक से बिजली सप्लाई बाधित हुई और सर्विसेस ठप पड़ीं।
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। ईरान पहले ही चेतावनी दे चुका था कि वह Amazon, Google, Apple, Microsoft, Meta समेत 18 अमेरिकी टेक कंपनियों के क्लाउड और डेटा सेंटरों को निशाना बनाएगा। ईरान का दावा है कि ये डेटा सेंटर अमेरिकी सैन्य और खुफिया गतिविधियों को सपोर्ट कर रहे हैं।
AWS दुनिया की सबसे बड़ी क्लाउड कंपनी है। इसके डेटा सेंटर बैंकिंग, पेमेंट ऐप्स, राइड शेयरिंग, ऑनलाइन शॉपिंग और AI सर्विसेस को चलाते हैं। हमले से क्षेत्रीय सेवाएं बाधित हुईं, हालांकि अलग-अलग देशों का डेटा अलग डेटा सेंटर में होने के कारण पूरी दुनिया पर एक साथ बड़ा असर नहीं पड़ा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सख्त चेतावनी दी है कि अमेरिकी कंपनियों या इंफ्रास्ट्रक्चर पर कोई भी हमला हुआ तो जवाब बहुत कड़ा और सीधा होगा। यह हमला साबित करता है कि अब युद्ध सिर्फ पारंपरिक हथियारों से नहीं, बल्कि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लाउड सिस्टम को निशाना बनाकर भी लड़ा जा रहा है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
