नई दिल्ली। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज दिल्ली रवाना हो चुके हैं। कल यानी 10 अप्रैल 2026 को दोपहर सवा 12 बजे वे राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण के बाद वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे। जदयू नेताओं ने पुष्टि की है कि दो-तीन दिन के अंदर या खरमास अवधि समाप्त होने के बाद (लगभग 14 अप्रैल तक) बिहार को नया मुख्यमंत्री मिल जाएगा।
जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और वरिष्ठ नेता विजय चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार दो दशक से ज्यादा समय तक बिहार की कमान संभाल चुके हैं। ‘नीतीश मॉडल’ के तहत राज्य में विकास की जो नींव रखी गई, उसे एनडीए सरकार आगे बढ़ाएगी। एनडीए में पूर्ण सहमति है और कोई मतभेद नहीं है।
सम्राट चौधरी को अपना उत्तराधिकारी मानते हैं नीतीश
नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर चर्चा तेज है। जदयू नेता विजय चौधरी ने निशांत कुमार का नाम लिया, जो नीतीश कुमार के बेटे हैं। वहीं, कई रिपोर्ट्स और जदयू सूत्रों के अनुसार नीतीश कुमार खुद सम्राट चौधरी (वर्तमान डिप्टी सीएम) को अपना उत्तराधिकारी मानते हैं। सम्राट चौधरी के नाम पर भाजपा कार्यालय के बाहर पोस्टर भी लगे थे। कुछ जगहों पर पोस्टर फाड़े जाने की भी खबर आई।
सूत्रों के मुताबिक, नई सरकार में निशांत कुमार को डिप्टी सीएम बनाने की भी संभावना है, जिससे ‘लव-कुश’ (कुर्मी-कोएरी) समीकरण बरकरार रहेगा। नीतीश कुमार 10 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात कर सकते हैं।
युवा चेहरों को आगे लाने का प्रयास
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सत्ता हस्तांतरण बिहार की स्थिरता को बनाए रखते हुए युवा चेहरों को आगे लाने का प्रयास है। नीतीश कुमार राज्यसभा में रहते हुए भी बिहार की राजनीति पर नजर रखेंगे। नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण की तारीख 14 अप्रैल के आसपास बताई जा रही है। पूरा एनडीए इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए प्रयासरत है।
