नई दिल्ली। नोएडा के फेज-2 में मजदूरों का वेतन वृद्धि को लेकर चल रहा शांतिपूर्ण प्रदर्शन हिंसक रूप ले लिया। सोमवार सुबह होजरी कॉम्प्लेक्स डी ब्लॉक और इकोटेक थर्ड इंडस्ट्रियल एरिया में सैकड़ों मजदूरों ने पुलिस के साथ जमकर भिड़ंत की। प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया, पुलिस वाहन को उलट दिया, तोड़फोड़ की और एक वाहन में आग लगा दी।
मजदूरों की मांग है कि न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये प्रतिमाह किया जाए, ओवरटाइम पर दोगुना भुगतान, 10-12 घंटे की मजबूरी वाली ड्यूटी बंद हो, साप्ताहिक छुट्टी मिले और सैलरी समय पर बैंक खाते में ट्रांसफर की जाए। वे आरोप लगा रहे हैं कि वर्तमान में उन्हें मात्र 500-700 रुपये दैनिक मजदूरी मिल रही है, बोनस या लीव नहीं दी जा रही है और महंगाई के बोझ तले वे परेशान हैं।
प्रदर्शन गुरुग्राम से शुरू होकर नोएडा पहुंचा
प्रदर्शन गुरुग्राम से शुरू होकर नोएडा पहुंचा था। पिछले पांच दिनों से फेज-2 में सड़कें जाम थीं। सोमवार को स्थिति बिगड़ते ही पुलिस ने पहले समझाने की कोशिश की, लेकिन पथराव शुरू होने पर आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। पीएसी समेत भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। इलाके में रूट डायवर्ट किए गए, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी हुई।
समाधान के लिए 24 घंटे का कंट्रोल रूम स्थापित
जिलाधिकारी मेधा रूपम ने अपील की कि शांति बनाए रखें। उन्होंने कहा, “श्रमिकों की समस्याओं के समाधान के लिए 24 घंटे का कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां मजदूर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।” प्रशासन ने उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर ओवरटाइम पर डबल पे और समयबद्ध सैलरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन तनाव बरकरार है। मजदूर अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। यह घटना नोएडा जैसे औद्योगिक क्षेत्र में बढ़ती श्रमिक अशांति को उजागर करती है। प्रशासन ने दोनों पक्षों से बातचीत जारी रखने का भरोसा दिया है।
