नई दिल्ली। पुणे के लोहगढ़ किले में 26 वर्षीय केतन विशाल अग्रवाल की संदिग्ध मौत के मामले में नया मोड़ आया है। शुरुआत में इसे हादसा माना गया था, लेकिन परिवार के आरोपों के बाद पुलिस ने सिया गोयल और चेतन चौधरी की भूमिका की जांच शुरू की। अब पुलिस ने चेतन की ड्राई फ्रूट दुकान के कर्मचारी नीरज कुमार का बयान दर्ज किया है, जो मामले की जांच में अहम साबित हो रहा है।
18 जून को चेतन चौधरी अपनी दुकान पर मोबाइल फोन छोड़कर गया था। उसने अपना फोन नीरज के पास रख दिया और लोहगढ़ किले जाने के लिए नीरज का मोबाइल साथ ले लिया। पुलिस का मानना है कि चेतन ने लोकेशन ट्रेस होने के डर से ऐसा किया। जांच में यह भी पता चला कि उसी दिन सुबह 7 बजे से शाम 5:40 बजे तक चेतन के अपने मोबाइल का इंटरनेट बंद रहा और केवल आने वाली कॉल्स दर्ज हुईं।
नीरज के मोबाइल की लोकेशन किले के आसपास
पुलिस ने नीरज कुमार के मोबाइल की लोकेशन भी चेक की, जो लोहगढ़ किले के आसपास एक्टिव पाई गई। इससे यह साफ होता है कि उस दिन किले के इलाके में नीरज का फोन मौजूद था, जिसका इस्तेमाल चेतन ने किया था। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों को जोड़कर पूरे घटनाक्रम की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
जांच जारी, आगे कार्रवाई संभव
पुणे ग्रामीण पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। केतन के परिवार का आरोप है कि यह हत्या पहले से रची गई साजिश थी। पुलिस सभी डिजिटल सबूतों और बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेगी। मामले में अभी तक चेतन चौधरी गिरफ्तार है, जबकि सिया गोयल की भूमिका की भी जांच चल रही है।
