कोलकाता। मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रविवार को कोलकाता पुलिस के उपायुक्त शांतनु सिन्हा बिस्वास और एक अन्य व्यक्ति के ठिकानों पर छापेमारी की। बिस्वास के दो ठिकानों, जिनमें बालीगंज क्षेत्र स्थित उनका आवास और सन एंटरप्राइज नामक कंपनी के प्रबंध निदेशक जॉय कामदार का एक ठिकाना शामिल है, पर मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत छापेमारी की गई है।
यह कार्रवाई कथित स्थानीय अपराधी बिस्वजीत पोद्दर उर्फ सोना पप्पू के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी है, जिस पर हत्या के प्रयास और जबरन वसूली के कई मामले दर्ज हैं। जांच एजेंसी ने इस मामले में 1 अप्रैल को तलाशी का पहला चरण चलाया था। ईडी ने तलाशी के दौरान कुछ परिसरों से 1.47 करोड़ रुपये नकद, 67.64 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण और एक देसी रिवॉल्वर जब्त की थी।
पोद्दर के खिलाफ दंगा, हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश
यह जांच कोलकाता पुलिस द्वारा पोद्दर के खिलाफ दंगा, हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश और शस्त्र अधिनियम के उल्लंघन में कथित संलिप्तता के आरोप में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई है। ईडी ने 9 अप्रैल को एक बयान में कहा कि पोद्दर समेत आरोपी पश्चिम बंगाल राज्य में संगठित आपराधिक गिरोह की गतिविधियों में शामिल थे और गिरोह के संचालन के जरिए अवैध रूप से धन जुटाते थे।
पोद्दर कोलकाता के गोलपार्क के पास कंकुलिया रोड पर हुई हिंसा के एक मामले में भी पुलिस द्वारा वांछित है और फिलहाल फरार है। ईडी ने पोद्दर को समन जारी किया है, लेकिन एजेंसी के अनुसार वह अभी तक जांच में शामिल नहीं हुआ है।
