नई दिल्ली। एयर इंडिया की लंदन जा रही फ्लाइट AI–171 अहमदाबाद से उड़ान भरते ही दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें 260 लोगों की जान चली गई। दुर्घटना का प्राथमिक जांच रिपोर्ट सामने आ गई है, जिसमें हादसे की शुरुआती वजहों की जानकारी दी गई है।
क्या हुआ था उस दिन?
एयर इंडिया का बोइंग 787-8 विमान (VT-ANB), जिसमें 230 यात्री, 10 केबिन क्रू और 2 पायलट सवार थे, ने दोपहर 1:39 बजे (IST) अहमदाबाद एयरपोर्ट से लंदन गेटविक के लिए उड़ान भरी। टेक-ऑफ के ठीक बाद विमान हवा में कुछ ही ऊंचाई तक गया और फिर तेजी से नीचे गिरा। विमान अहमदाबाद के बीजे मेडिकल कॉलेज हॉस्टल से टकरा गया और उसमें जोरदार विस्फोट के साथ आग लग गई। कुल 5 इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं और 19 स्थानीय लोग भी हादसे की चपेट में आ गए।
कैसे हुआ हादसा?
प्रारंभिक जांच के मुताबिक, टेक-ऑफ के 3 सेकंड बाद ही विमान की दोनों इंजनों को ईंधन देने वाले फ्यूल कंट्रोल स्विच “RUN” से “CUTOFF” स्थिति में चले गए, जिससे इंजनों में ईंधन की सप्लाई रुक गई और दोनों इंजन बंद हो गए। कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में पायलटों के बीच बातचीत दर्ज हुई, जिसमें एक पायलट दूसरे से पूछता है, “तुमने क्यों कटऑफ किया?”, जवाब आता है, “मैंने नहीं किया।”
इंजन बंद होने के बाद विमान तेजी से ऊंचाई खोने लगा और रनवे से महज 0.9 नॉटिकल मील दूर जाकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में लगे रैम एयर टर्बाइन (RAT) ने खुद को सक्रिय किया, जो यह दिखाता है कि विमान को बिजली और हाइड्रॉलिक सिस्टम की आपात जरूरत पड़ गई थी। कुछ ही सेकंड बाद पायलटों ने दोनों फ्यूल कंट्रोल स्विच फिर से “RUN” पर किए, जिससे इंजन दोबारा शुरू होने लगे। हालांकि तब तक बहुत देर हो चुकी थी। विमान जमीन से टकरा गया।
तकनीकी स्थिति क्या थी?
विमान 2013 में बना था और उड़ान भरने के समय इसकी मेंटेनेंस रिपोर्ट सामान्य थी। हालांकि, 4 ऐसे सिस्टम थे जो कुछ समय के लिए सीमित कार्यक्षमता (MEL) के तहत काम कर रहे थे- इनमें फ्लाइट डेक की निगरानी प्रणाली और एयरपोर्ट मैप शामिल थे। लेकिन ये हादसे से सीधे जुड़े नहीं माने जा रहे।
फ्यूल कंट्रोल स्विच पर उठे सवाल
अमेरिकी FAA ने 2018 में एक सलाह जारी की थी कि कुछ बोइंग विमानों में फ्यूल कंट्रोल स्विच लॉकिंग फीचर निष्क्रिय हो सकता है, जिससे वह गलती से बंद हो सकता है। यह समस्या अनिवार्य जांच के दायरे में नहीं थी, इसलिए एयर इंडिया ने इसकी जांच नहीं करवाई थी। हादसे के समय दोनों स्विच अचानक बंद हो गए, जो इस संभावित तकनीकी खामी की ओर इशारा करते हैं।
पायलटों की स्थिति
मुख्य पायलट के पास 8000 घंटे और सह-पायलट के पास 1100 घंटे की उड़ान का अनुभव था। दोनों ने पिछले 24 घंटे में कोई उड़ान नहीं की थी और नियमों के अनुसार पर्याप्त आराम किया था।
क्या आगे होगा?
विमान का डेटा रिकॉर्डर (ब्लैक बॉक्स) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग से जानकारी जुटाई जा रही है। अमेरिकी और यूरोपीय जांच एजेंसियां भी भारतीय अधिकारियों के साथ मिलकर जांच कर रही हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि अभी तक कोई कार्रवाई या चेतावनी बोइंग 787-8 या GE इंजन के अन्य ऑपरेटर्स के लिए नहीं दी गई है।
इस हादसे में तकनीकी और मानव दोनों संभावनाओं की जांच की जा रही है। दोनों इंजनों का अचानक बंद होना इस दुखद घटना की मुख्य वजह मानी जा रही है। रिपोर्ट अभी प्रारंभिक है और जांच जारी है।
