नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) में राघव चड्ढा बनाम पार्टी लीडरशिप का विवाद खुलकर सामने आ गया है। पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से हटा दिया है और उनकी जगह पंजाब के सांसद अशोक कुमार मित्तल को नियुक्त कर दिया है। साथ ही AAP ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर चड्ढा को सदन में बोलने का समय न देने का अनुरोध किया है।
इस कदम के बाद पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा और वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने चड्ढा पर तीखा हमला बोला। अनुराग ढांडा ने कहा, “राघव, तुम पिछले कुछ सालों से डर गए हो। मोदी के खिलाफ बोलने से घबराते हो। जो डर गया, वो देश के लिए क्या लड़ेगा?” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि संसद में मिलने वाला सीमित समय देश बचाने के संघर्ष में लगाना चाहिए, न कि एयरपोर्ट कैंटीन में समोसे सस्ते करवाने जैसे मुद्दों पर।
हम अरविंद केजरीवाल के सिपाही हैं: ढ़ांडा
ढांडा ने आगे कहा, “हम अरविंद केजरीवाल के सिपाही हैं। निडरता हमारी पहली पहचान है। गुजरात में हमारे सैकड़ों कार्यकर्ताओं को भाजपा पुलिस ने गिरफ्तार किया, क्या सांसद साहब ने सदन में कुछ बोला? पश्चिम बंगाल में वोट का अधिकार छीना जा रहा है, CEC के खिलाफ प्रस्ताव पर साइन करने से मना कर दिया।”
सौरभ भारद्वाज ने भी चड्ढा पर सवाल उठाते हुए पूछा कि गुजरात के गिरफ्तार कार्यकर्ताओं और पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र पर हमलों के मुद्दे पर उन्होंने आवाज क्यों नहीं उठाई। उन्होंने आरोप लगाया कि जब पार्टी वॉकआउट करती है, तब भी चड्ढा सदन में बैठे रहते हैं।राघव चड्ढा ने इस पर सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर जवाब दिया।
विपक्षी दलों ने इसे AAP में दरार के रूप में देखा
उन्होंने कहा, “मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझना… मुझे खामोश करवाया गया है, लेकिन मैं हारा नहीं हूं।”यह घटना AAP के अंदर बढ़ते मतभेदों को उजागर कर रही है। राघव चड्ढा, जो संसद में प्रभावशाली भाषणों के लिए जाने जाते थे, अब पार्टी की मुख्यधारा से दूर नजर आ रहे हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह बदलाव रूटीन है, लेकिन विपक्षी दलों ने इसे AAP में दरार के रूप में देखा है।
