नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान से ठीक पहले बड़ा ऐलान किया है। 15 मार्च 2026 को उन्होंने अपने आधिकारिक X हैंडल पर पोस्ट कर बताया कि राज्य में पुरोहितों (पुजारियों) और मुअज्जिनों को मिलने वाले मासिक मानदेय में ₹500 की बढ़ोतरी की गई है। अब उन्हें हर महीने ₹2,000 मिलेंगे।
ममता ने लिखा, “मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हमारे पुरोहितों और मुअज्जिनों को मिलने वाले महीने के मानदेय में ₹500 की बढ़ोतरी की गई है, जिनकी सेवा हमारे समुदायों के आध्यात्मिक और सामाजिक जीवन को बनाए रखती है।”
नए लाभार्थी भी मासिक राशि के हकदार
यह फैसला हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के धार्मिक प्रतिनिधियों को लक्षित करता है। ममता ने कहा कि राज्य सरकार ने पुरोहितों और मुअज्जिनों द्वारा सही तरीके से जमा किए गए सभी नए आवेदनों को भी मंजूरी दे दी है, जिससे नए लाभार्थी भी इस ₹2,000 मासिक राशि के हकदार होंगे। उनका उद्देश्य इन सेवकों को वह मान्यता और समर्थन देना है जिसके वे हकदार हैं, और ऐसा माहौल बनाना जहां हर समुदाय और परंपरा को महत्व मिले।
यह घोषणा चुनाव आयोग द्वारा पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों के विधानसभा चुनाव शेड्यूल घोषित करने से कुछ घंटे पहले की गई, जिसके बाद आदर्श आचार संहिता लागू हो जाती है। कई मीडिया रिपोर्ट्स इसे चुनावी “मास्टरस्ट्रोक” या राजनीतिक दांव बता रही हैं, क्योंकि यह हिंदू और मुस्लिम वोटरों दोनों को साधने की कोशिश लगती है।
संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया
पुरोहितों और मुअज्जिनों के संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है, जबकि विपक्षी दलों (खासकर BJP) ने इसे चुनावी रेवड़ी और वोट बैंक की राजनीति करार दिया है। आलोचकों का कहना है कि आदर्श आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले यह ऐलान राजनीतिक लाभ के लिए किया गया। ममता ने साथ ही सरकारी कर्मचारियों के बकाया DA का भुगतान भी इसी महीने से शुरू करने का ऐलान किया है।
