दुबई। संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी दुबई के मरीना क्षेत्र में 67 मंजिला मरीना पिनेकल, जिसे टाइगर टॉवर के नाम से भी जाना जाता है, में भीषण आग लग गई। इस हादसे में 764 अपार्टमेंट्स में रहने वाले 3,820 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। दुबई सिविल डिफेंस की विशेष टीमें छह घंटे तक आग बुझाने में जुटी रहीं और सुबह तक आग पर काबू पा लिया गया। दुबई मीडिया ऑफिस (DMO) ने पुष्टि की कि इस घटना में कोई हताहत या घायल नहीं हुआ।
आग रात करीब 9:30 बजे शुरू हुई, जिसके बाद धुआं और लपटें ऊपरी मंजिलों तक फैल गईं। कई निवासियों ने बताया कि उन्हें आग का पता फायर अलार्म से नहीं, बल्कि धुएं की गंध, दोस्तों के फोन या बाहर दमकल वाहनों को देखकर चला। एक निवासी ने खलीज टाइम्स को बताया, “मैं 24वीं मंजिल पर था, जब रात 9:45 बजे जलने की गंध आई। हमने अपार्टमेंट की जांच की, लेकिन कुछ नहीं मिला। बाद में दमकलकर्मियों को देखकर हम सीढ़ियों से नीचे उतरे।” पड़ोस की इमारत MAG 218 के एक निवासी अहमद ने कहा कि धुआं उनके हॉलवे तक पहुंच गया, जिसके कारण उन्हें भी निकलना पड़ा।
इमारत से सभी निवासियों को सुरक्षित निकालने में सफल रहीं
DMO ने X पर पोस्ट किया, “विशेष टीमें 67 मंजिला इमारत से सभी निवासियों को सुरक्षित निकालने में सफल रहीं। आग को नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं।” सुबह 2:21 बजे, DMO ने पुष्टि की कि सभी 3,820 निवासियों को सुरक्षित निकाला गया। एम्बुलेंस और चिकित्सा टीमें मौके पर मौजूद थीं, जो निवासियों को मानसिक और चिकित्सीय सहायता प्रदान कर रही थीं।
अधिकारियों ने इमारत के डेवलपर के साथ मिलकर प्रभावित निवासियों के लिए अस्थायी आवास की व्यवस्था शुरू की है। कई निवासियों ने बिल्डिंग के सुरक्षा सिस्टम, खासकर फायर अलार्म की विफलता पर चिंता जताई। इस हादसे ने दुबई में ऊंची इमारतों की अग्नि सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं।
