नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेटर और दो बार के विश्व विजेता लेग स्पिनर पीयूष चावला ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी है। 36 साल की उम्र में, दो दशक के शानदार करियर के बाद चावला ने यह भावुक फैसला लिया और सोशल मीडिया के जरिए प्रशंसकों को इसकी जानकारी दी।
चावला ने 2006 में मात्र 17 साल की उम्र में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था। वे सचिन तेंदुलकर के बाद भारत के दूसरे सबसे कम उम्र के टेस्ट डेब्यूटेंट बने। अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में उन्होंने 3 टेस्ट, 25 वनडे और 7 टी20 मैचों में कुल 43 विकेट लिए। उनकी चतुराई भरी गुगली और तेज गेंदबाजी ने बल्लेबाजों को हमेशा परेशान किया। खास तौर पर 2007 टी20 विश्व कप और 2011 वनडे विश्व कप में उनकी भूमिका ने भारत को विश्व चैंपियन बनाने में अहम योगदान दिया।
आईपीएल में 192 मैचों में 192 विकेट लिए
आईपीएल में भी चावला का प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने पंजाब किंग्स, कोलकाता नाइट राइडर्स, चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस के लिए 192 मैचों में 192 विकेट हासिल किए। 2014 में केकेआर की खिताबी जीत में उन्होंने फाइनल में विजयी रन बनाकर सुर्खियां बटोरीं। घरेलू क्रिकेट में यूपी और गुजरात के लिए खेलते हुए उन्होंने सभी प्रारूपों में 1000 से ज्यादा विकेट लिए, जो उनकी काबिलियत का सबूत है।
चावला ने इंस्टाग्राम पर अपने संन्यास की घोषणा करते हुए बीसीसीआई, यूपीसीए, कोच, परिवार और प्रशंसकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने दिवंगत पिता को याद करते हुए कहा कि उनके विश्वास ने ही उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। चावला ने लिखा, “20 साल बाद, अब इस खूबसूरत खेल को अलविदा कहने का समय है।”
कई क्रिकेटरों ने उनके योगदान की सराहना की
चावला का संन्यास भारतीय क्रिकेट में एक युग का अंत है। प्रशंसक और पूर्व क्रिकेटर जैसे पार्थिव पटेल ने उनके योगदान की सराहना की। चावला ने भविष्य में नई शुरुआत की बात कही। भारतीय क्रिकेट उनके योगदान को हमेशा याद रखेगा।
