‘राहुल गंभीर नहीं, प्रियंका मुस्कुराती रहती हैं’, किरेन रिजिजू का कांग्रेस पर जोरदार हमला, स्पीकर का किया बचाव

किरेन रिजिजू का कांग्रेस पर जोरदार हमला

नई दिल्ली। लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। रिजिजू ने आरोप लगाया कि विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं पर हमले कर लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है, जिसमें स्पीकर की कुर्सी को भी निशाना बनाया जा रहा है।

उन्होंने राहुल गांधी पर सदन में व्यवधान पैदा करने, अन्य सदस्यों की बातें न सुनने और सत्र से जल्दी निकलने जैसे अनुशासनहीन व्यवहार का जिक्र किया। साथ ही, रिजिजू ने दावा किया कि राहुल 15वीं लोकसभा में सिर्फ दो बार बोले और सेना में फूट डालने जैसी हरकतें कीं, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा प्रभावित हुई।

रिजिजू ने स्पीकर को बताया अभिभावक

रिजिजू ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी की तारीफ करते हुए कहा कि वे सदन में ध्यान से सुनती हैं और मुस्कुराती रहती हैं, इसलिए अगर वे नेता प्रतिपक्ष होतीं तो बेहतर होता। उन्होंने विपक्ष पर 2017 के डोकलाम विवाद के दौरान चीनी राजदूतों से मिलने और राष्ट्रीय हितों के खिलाफ बयान देने का भी आरोप लगाया। मंत्री ने स्पीकर ओम बिरला का बचाव करते हुए उन्हें सदन के अभिभावक की तरह बताया, जो नियम तोड़ने वालों को अनुशासित करते हैं।

रिजिजू ने कविता की पंक्ति का जिक्र कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीयत की शुद्धता पर जोर दिया और विपक्ष को आगाह किया कि ऐसे प्रयासों से लोकतंत्र नहीं बचाया जा सकता।

राहुल एकमात्र नेता जो सत्ता के सामने झुके नहीं: प्रियंका

प्रियंका गांधी ने रिजिजू की तारीफ पर प्रतिक्रिया देते हुए बोलने की मांग की और कहा कि उनकी मुस्कान जवाहरलाल नेहरू की प्रशंसा सुनकर आई, जिन्हें सत्ता पक्ष लगातार कोसता है। उन्होंने राहुल गांधी का बचाव करते हुए बताया कि वे पिछले 12 सालों में इकलौते नेता हैं जो सरकार के आगे नहीं झुके और सच्चाई बोलते रहे, जिसे सत्ता पक्ष पचा नहीं पा रहा।

प्रियंका ने विपक्ष की एकजुटता पर जोर दिया और कहा कि अविश्वास प्रस्ताव लोकतंत्र की रक्षा के लिए जरूरी है।यह बहस लोकसभा में तीव्र राजनीतिक टकराव को दर्शाती है, जहां भाजपा ने वोटिंग के लिए व्हिप जारी किया है और विपक्ष प्रस्ताव की प्रक्रिया पर जोर दे रहा है। अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला है, लेकिन यह घटना संसद में बढ़ते ध्रुवीकरण को उजागर कर रही है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *