नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के बहराईच के महसी क्षेत्र में अंतिम भेड़िया के मारे जाने के बाद इसका आतंक खत्म हो गया है। बता दें, छह सदस्यीय भेड़ियों के झुंड के कारण महीनों तक इसका आतंक रहा था। ग्रामीणों ने बकरी का शिकार करने के प्रयास में इस आखिरी भेड़िए को पीट-पीटकर मार डाला गया।
महीनों तक, भेड़ियों ने ग्रामीणों और पशुओं पर हमला करके पूरे क्षेत्र में भय फैला रखा था। झुंड का आखिरी भेड़िया वन विभाग के लगातार प्रयासों के बावजूद 24 दिनों से अधिक समय तक पकड़ से बचता रहा था।
10 सितंबर को झुंड का पांचवां भेड़िया मारा गया था
10 सितंबर को, वन अधिकारियों ने झुंड के पांचवें भेड़िये को सफलतापूर्वक पकड़ लिया था। छठे भेड़िये की मौत से आखिरकार ग्रामीणों को राहत मिली है। वे इस कारण लगातार डर में जी रहे थे। भेड़िए के इस झुंड ने नौ बच्चों और एक महिला की हत्या कर दी थी, जबकि 50 से अधिक लोग घायल हो गए थे।
छठे भेड़िये के आदमखोर होने की पुष्टि नहीं
बहराइच के प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) अजीत सिंह ने कहा कि उन्हें शनिवार रात करीब 8.30 बजे घटना की सूचना मिली। जब तक वे घटनास्थल पर पहुंचे, बकरी और भेड़िया दोनों मर चुके थे। सिंह के अनुसार, छठे भेड़िये के आदमखोर होने की पुष्टि नहीं की जा सकती, क्योंकि पांचवें भेड़िये को पकड़ने के बाद कोई हमला नहीं हुआ था। हालांकि, माना जाता है कि यह उसी समूह का सदस्य है जिसने इस क्षेत्र को आतंकित किया था।
वन विभाग गहन जांच कर रहा है और घटना से संबंधित प्राथमिकी दर्ज करने की योजना बना रहा है। हालांकि छठा भेड़िया संभवतः दूसरों के पकड़े जाने के बाद अपने झुंड से अलग हो गया था, लेकिन उसकी मौत से क्षेत्र में भेड़ियों के खतरे के अंत का प्रतीक है।
