नई दिल्ली। पाकिस्तान के किराना हिल्स में कथित रेडिएशन रिसाव की अफवाहों को अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने खारिज कर दिया है। IAEA ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के किसी भी परमाणु केंद्र से रेडिएशन रिसाव नहीं हुआ है। यह बयान भारत के ऑपरेशन सिंदूर के तहत 7 मई को पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमलों के बाद सोशल मीडिया पर किराना हिल्स में परमाणु रिसाव की अटकलों के जवाब में आया है। किराना हिल्स सरगोधा जिले में स्थित एक सैन्य क्षेत्र है जिसे पाकिस्तान के परमाणु हथियारों के भंडारण का केंद्र माना जाता है।
भारतीय वायुसेना के डीजी एयर ऑपरेशंस, एयर मार्शल एके भारती ने 12 मई को प्रेस ब्रीफिंग में किराना हिल्स पर हमले की खबरों को खारिज करते हुए कहा, “हमने किराना हिल्स को निशाना नहीं बनाया। हमें नहीं पता था कि वहां परमाणु सुविधाएं हैं।” भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में सरगोधा और नूर खान एयरबेस जैसे सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जो किराना हिल्स के करीब हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और तस्वीरों में किराना हिल्स से धुआं उठता दिखा, जिसने रिसाव की अटकलों को हवा दी।
भारत का सैन्य अभियान पारंपरिक हथियारों तक सीमित
IAEA के प्रवक्ता फ्रेड्रिक डाहल ने कहा, “हमें कोई जानकारी नहीं है कि पाकिस्तान में किसी परमाणु सुविधा से रेडिएशन रिसा है।” विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि भारत का सैन्य अभियान पारंपरिक हथियारों तक सीमित था। किराना हिल्स, जो 1983-1990 के बीच परमाणु परीक्षण स्थल रहा, 68 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला है और इसमें 10 सुरंगें हैं।
पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता ने भी रिसाव की खबरों को नकारा
पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता ने भी रिसाव की खबरों को नकारा। अमेरिकी विदेश विभाग ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की। विशेषज्ञों का कहना है कि परमाणु हथियारों में सुरक्षा तंत्र होते हैं, जो पारंपरिक हमलों से रिसाव को रोकते हैं। यह घटना भारत-पाक तनाव और परमाणु सुरक्षा पर वैश्विक चिंताओं को रेखांकित करती है।
