नई दिल्ली। अमेरिका-ईरान तनाव और वेस्ट एशिया युद्ध के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा ऐलान किया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अगले 10 दिनों तक ईरान के एनर्जी प्लांट्स और तेल सुविधाओं पर हमला नहीं करेगा। उन्होंने बातचीत से शांति की संभावना जताई, लेकिन विशेषज्ञ इसे ‘सीक्रेट प्लान’ मान रहे हैं। इस दौरान पेंटागन 10,000 अतिरिक्त सैनिक मिडिल ईस्ट भेजने की तैयारी कर रहा है।
शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को सेंसेक्स 1690 अंक (2.25%) टूटकर 73,583 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 486 अंक (2.09%) गिरकर 22,819 पर रहा। निवेशकों को करीब 9 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। अमेरिकी बाजार में भी गिरावट देखी गई, जिसका असर एशियाई बाजारों पर पड़ा।
होर्मुज संकट के कारण कीमतें लगातार बढ़ रही
कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड शुक्रवार को 2.82% बढ़कर 111 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया। बुधवार को यह 100 डॉलर से नीचे था, लेकिन युद्ध की आशंका और होर्मुज संकट के कारण कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। नेचुरल गैस के दाम भी करीब 3% ऊपर चढ़े हैं।
भारतीय रुपया 95 के स्तर के करीब पहुंचा
डॉलर इंडेक्स मजबूत होने से भारतीय रुपया 95 के स्तर के करीब पहुंच गया। डॉलर में तेजी एनर्जी आयात पर निर्भर देशों के लिए चिंता का विषय बन गई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ये संकेत बड़े एक्शन की ओर इशारा कर रहे हैं, जबकि ट्रंप की 10 दिन की मोहलत के पीछे कोई बड़ा रणनीतिक प्लान हो सकता है।
