नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर 11 मार्च 2026 की रात को एक बड़ा खतरा मंडराया। जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में रॉयल पार्क बैंक्वेट हॉल में एक पार्टी नेता की बेटी की शादी समारोह के दौरान, जब फारूक अब्दुल्ला और उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी बाहर निकल रहे थे, तभी एक व्यक्ति ने अचानक पीछे से रिवॉल्वर तानकर फायरिंग कर दी। गोली उनके बहुत करीब से गुजरी, लेकिन सुरक्षा कर्मियों की त्वरित कार्रवाई से वे बाल-बाल बच गए।
हमलावर की पहचान 63 वर्षीय कमल सिंह जमवाल के रूप में हुई, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी है और वहां कई दुकानों का मालिक है। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह पिछले 20 साल से फारूक अब्दुल्ला को मारने की फिराक में था और यह उसका व्यक्तिगत एजेंडा था। उसकी इस्तेमाल की गई बंदूक भी उसके पास से बरामद कर ली गई है। घटना के दौरान डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी को छर्रों से मामूली चोट आई, लेकिन कोई गंभीर नुकसान नहीं हुआ।
ऐसे बचे फारूक अब्दुल्ला
सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि हमलावर भीड़ में से निकलकर बेहद नजदीक पहुंचा और गोली चलाई, लेकिन जेड प्लस और एनएसजी सुरक्षा में तैनात पुलिस के एक इंस्पेक्टर व सब-इंस्पेक्टर ने बहादुरी से गोली की दिशा मोड़ दी। हमलावर को मौके पर ही काबू कर लिया गया और अब पुलिस हिरासत में उसकी गहन जांच चल रही है।
फारूक अब्दुल्ला ने बाद में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऊपरवाले ने उन्हें बचा लिया और उन्होंने इस घटना की गहन जांच की मांग की। उनके बेटे उमर अब्दुल्ला ने भी सुरक्षा में चूक पर सवाल उठाए। नेशनल कॉन्फ्रेंस कार्यकर्ताओं ने जम्मू में विरोध प्रदर्शन किया और कानून-व्यवस्था बहाल करने की मांग की। पुलिस इसे सुरक्षा में लापरवाही मान रही है और पूरे मामले की जांच जारी है।
