ब्राजीलिया। ब्राजील की राजधानी ब्रासीलिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि इस मुद्दे पर “शून्य सहनशीलता और शून्य दोहरे मापदंड” की नीति होनी चाहिए। ब्राजील के राष्ट्रपति लुईस इनासियो लूला दा सिल्वा के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस वक्तव्य में पीएम मोदी ने कहा कि भारत और ब्राजील आतंकवाद और उसके समर्थकों का कड़ा विरोध करते हैं। यह बयान अप्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तान और उसके सहयोगी चीन की ओर इशारा करता है, जो आतंकवादी गतिविधियों को समर्थन देने के लिए अक्सर निशाने पर रहते हैं।
मोदी ने अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र किया, जिसमें 26 लोग मारे गए थे, और इसे मानवता के खिलाफ हमला बताया। उन्होंने ब्राजील के समर्थन की सराहना की और कहा कि दोनों देशों की आतंकवाद के खिलाफ सोच एक जैसी है। वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार, रक्षा, स्वास्थ्य, अंतरिक्ष, नवीकरणीय ऊर्जा, और डिजिटल सहयोग जैसे क्षेत्रों में संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की। अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 20 बिलियन डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया।
पीएम मोदी ‘ग्रैंड कॉलर ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द सदर्न क्रॉस’ से सम्मानित
दोनों देशों ने आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय अपराध के खिलाफ सहयोग सहित छह समझौतों पर हस्ताक्षर किए। पीएम मोदी को ब्राजील के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड कॉलर ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द सदर्न क्रॉस’ से सम्मानित किया गया, जो भारत-ब्राजील संबंधों की गहराई को दर्शाता है। ब्रासीलिया के अल्वोराडा पैलेस में 114 घोड़ों की परेड और सांस्कृतिक प्रदर्शन के साथ उनका भव्य स्वागत हुआ, जिसमें ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित प्रदर्शन भी शामिल था। यह दौरा भारत की आतंकवाद विरोधी रणनीति और वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
