नई दिल्ली। Oracle ने AI के दम पर हजारों नौकरियों पर पानी फेर दिया। 31 मार्च को सुबह 6 बजे के आसपास Oracle ने दुनिया भर में बड़े पैमाने पर छंटनी की, जिसमें करीब 30 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया। यह कंपनी के कुल वर्कफोर्स का लगभग 18% है। सबसे ज्यादा असर भारत पर पड़ा, जहां करीब 12 हजार भारतीय कर्मचारियों की नौकरियां चली गईं। कर्मचारियों को अचानक ईमेल भेजकर बताया गया कि आज आपका आखिरी कार्य दिवस है। कोई पहले से नोटिस या चर्चा नहीं हुई।
कंपनी का कहना है कि यह छंटनी AI टूल्स और ऑटोमेशन के कारण की गई है। Oracle अब AI से कोड लिखने, बग्स ढूंढने-ठीक करने, ऑटोनोमस डेटाबेस चलाने, क्लाउड कॉन्फिगरेशन, डेटा मैनेजमेंट और कस्टमर सपोर्ट जैसे काम करवा रहा है। एक छोटी AI-ड्रिवन टीम अब 1000 से ज्यादा लोगों का काम संभाल सकती है।
SaaS सेक्टर में मैन्युअल काम लगभग खत्म
वर्चुअल ऑपरेशन्स और SaaS सेक्टर में मैन्युअल काम लगभग खत्म हो चुका है। AI चैटबॉट्स ग्राहकों की समस्याएं तुरंत सुलझा रहे हैं। Oracle इस छंटनी से बचाए गए पैसे को AI डेटा सेंटर और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च कर रहा है, ताकि AI रेस में आगे रह सके।
यह घटना AI के बढ़ते प्रभाव को दिखाती है। टेक कंपनियां अब कम लोगों के साथ ज्यादा काम निकाल रही हैं, जिससे बड़े पैमाने पर जॉब लॉस हो रहा है। Oracle की यह कार्रवाई लागत कम करने और AI निवेश बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है। हालांकि कर्मचारियों के लिए यह झटका बहुत बड़ा है। भविष्य में और ज्यादा सेक्टरों में AI की वजह से नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं।
