नई दिल्ली। अप्रैल 2026 में शादी-विवाह के लिए शुभ मुहूर्त शुरू हो रहे हैं। खरमास 14 अप्रैल 2026 को समाप्त हो जाएगा, जब सूर्य मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इसके बाद 15 अप्रैल से मांगलिक कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश आदि शुरू किए जा सकते हैं। ज्योतिषीय दृष्टि से अप्रैल का महीना शादियों के लिए काफी अनुकूल माना जा रहा है। गुरु और शुक्र की अच्छी स्थिति वैवाहिक जीवन में समझ, स्थिरता, प्रेम और सुख प्रदान करेगी।
इस महीने अधिकांश मुहूर्तों में भद्रा या पंचक जैसे अशुभ योग नहीं बन रहे हैं। खरमास के दौरान (मध्य मार्च से 14 अप्रैल तक) विवाह जैसा कोई मांगलिक कार्य वर्जित रहता है। 15 अप्रैल के बाद इनकी अनुमति मिल जाएगी।
अप्रैल 2026 के प्रमुख शुभ विवाह मुहूर्त इस प्रकार हैं:
- 15 अप्रैल (बुधवार): उत्तर भाद्रपद नक्षत्र, दोपहर 3:22 बजे से रात 10:31 बजे तक।
- 20 अप्रैल (सोमवार): रोहिणी नक्षत्र, सुबह 4:35 से 7:28 बजे तक।
- 21 अप्रैल (मंगलवार): मृगशिरा नक्षत्र, सुबह 4:15 से 5:52 बजे तक।
- 25 अप्रैल (शनिवार): पूरे दिन शुभ (संधि काल का प्रभाव न्यूनतम)।
- 26 अप्रैल (रविवार): मघा नक्षत्र, सुबह 5:47 बजे से रात 8:27 बजे तक।
- 27 अप्रैल (सोमवार): उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र, रात 9:18 से 9:35 बजे तक।
- 28 अप्रैल (मंगलवार): पूरे दिन शुभ।
- 29 अप्रैल (बुधवार): हस्त नक्षत्र, सुबह 5:59 बजे से शाम 7:52 बजे तक।
19 अप्रैल 2026 (बुधवार) को अक्षय तृतीया पड़ेगी, जो अबूझ मुहूर्त मानी जाती है। इस दिन बिना विस्तृत गणना के भी विवाह और अन्य शुभ कार्य किए जा सकते हैं। अक्षय तृतीया पर किया गया कार्य स्थायी फल देता है और वैवाहिक जीवन में समृद्धि लाता है।ज्योतिषकारों की सलाह है कि विवाह मुहूर्त चुनते समय स्थानीय पंचांग और व्यक्तिगत कुंडली का भी ध्यान रखें। अप्रैल 2026 शादियों का शुभ सीजन शुरू करने वाला महीना साबित होगा।
