नई दिल्ली। अमेरिका-ईरान युद्ध के पांचवें हफ्ते में होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ते तनाव और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रविवार को दी गई नई धमकी के बाद भारत सरकार ने घरेलू एलपीजी आपूर्ति को मजबूत करने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। होर्मुज मार्ग दुनिया के तेल और गैस आयात का महत्वपूर्ण रास्ता है, जिसके प्रभावित होने से एलपीजी की किल्लत की आशंका बढ़ गई थी।
मोदी सरकार ने इस स्थिति से निपटने के लिए 5 किलोग्राम वाले छोटे एफटीएल (Free Trade LPG) सिलेंडरों की सप्लाई तेज कर दी है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, 23 मार्च 2026 से अब तक करीब 6.6 लाख ऐसे सिलेंडर बेचे जा चुके हैं। इन सिलेंडरों को किसी भी नजदीकी एलपीजी डीलर से वैध पहचान पत्र (आईडी प्रूफ) दिखाकर आसानी से खरीदा जा सकता है। एड्रेस प्रूफ की जरूरत नहीं है और ये बाजार दर पर उपलब्ध हैं।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई
सरकार ने पैनिक बायिंग से बचने की अपील की है और आश्वासन दिया कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों और कुकिंग गैस का पर्याप्त स्टॉक है। सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से चल रही हैं तथा पेट्रोल पंप भरे हुए हैं। साथ ही, जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। अब तक 3,700 से अधिक छापे मारे गए, 1,000 से ज्यादा डिस्ट्रीब्यूटर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए और 36 डीलरों को निलंबित किया गया है।
90 प्रतिशत गैस सप्लाई बढ़ाने की उम्मीद
सरकार ने एलपीजी उत्पादन बढ़ाने, आयात स्रोतों में विविधता लाने और मांग प्रबंधन के अन्य उपाय भी अपनाए हैं। फर्टिलाइजर प्लांट्स को 6 अप्रैल से औसत खपत का करीब 90 प्रतिशत गैस सप्लाई बढ़ाने की उम्मीद है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा, “सरकार पेट्रोलियम उत्पादों और कुकिंग गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय कदम उठा रही है।” लोगों से अपील की गई है कि वे जरूरत से ज्यादा स्टॉक न करें।
