नई दिल्ली। बिहार के मौलाना अब्दुल्ला सलीम ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां के खिलाफ अभद्र और अपमानजनक टिप्पणी की, जिससे पूरे प्रदेश में आक्रोश फैल गया। इस बयान के बाद यूपी के 83 थानों में एफआईआर दर्ज हुईं और मौलाना की गिरफ्तारी के लिए 21 लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया। कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुए और मौलाना के पुतले फूंके गए।
हरदोई में गौप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने इस घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ की मां सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि पूरे समाज की मां हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी की मां पर ऐसी टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जा सकती और मां का सम्मान पिता से सौ गुना अधिक होता है।
अविमुक्तेश्वरानंद ने मुस्लिम समुदाय से अपील की
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने मुस्लिम समुदाय से अपील की कि वे अपने मौलाना को समझाएं और ऐसे अमर्यादित बयानों से बचें, क्योंकि यह किसी भी धर्म की गरिमा को ठेस पहुंचाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस्लाम भी मां के सम्मान को सर्वोच्च स्थान देता है, इसलिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल न किया जाए, वरना सामाजिक सद्भाव बिगड़ सकता है।
इस विवाद ने उत्तर प्रदेश में सांप्रदायिक सद्भाव पर सवाल खड़े किए हैं, जबकि शंकराचार्य ने सख्त कार्रवाई की मांग की और कहा कि वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मां-बहन जैसी गरिमा को छूना अस्वीकार्य है। मौलाना के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जारी है।
