नई दिल्ली। शेयर बाजार में आज भारी बिकवाली का दौर देखा गया। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती युद्ध की टेंशन तथा पाकिस्तान में हुई शांति वार्ता के फेल होने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आने से भारतीय शेयर बाजार में भूचाल आ गया।
सुबह बाजार खुलते ही सेंसेक्स 1600 अंक से अधिक टूटकर 75,868 के स्तर पर पहुंच गया। पिछले बंद स्तर 77,550 से यह करीब 2 प्रतिशत की गिरावट थी। वहीं निफ्टी भी 490 अंक लुढ़ककर 23,589 पर खुला।
प्रमुख शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे
बीएसई के सभी 30 प्रमुख शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। इंडिगो में 4 प्रतिशत, मारुति में 3 प्रतिशत, बजाज फाइनेंस में 2.90 प्रतिशत, एसबीआई में 2.80 प्रतिशत, रिलायंस में 2.70 प्रतिशत और एचडीएफसी बैंक में 2.60 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
एशियाई बाजारों में भी भारी बिकवाली हुई। जापान का निक्केई 600 अंक और हांगकांग का हैंगसेंग 400 अंक टूटा। गिफ्ट निफ्टी भी 280 अंक से अधिक फिसला।टेंशन का मुख्य कारण होर्मुज स्ट्रेट है, जहां से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत कच्चा तेल गुजरता है।
अमेरिका-ईरान के बीच चेतावनियों का सिलसिला जारी
अमेरिका-ईरान के बीच चेतावनियों का सिलसिला जारी है। पाकिस्तान में हुई वार्ता विफल होने के बाद तेल टैंकरों ने भी रास्ता बदल लिया, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया। इससे निवेशकों में भय का माहौल बन गया और उन्होंने जोखिम भरे शेयरों से निकासी शुरू कर दी।
विश्लेषकों का कहना है कि अगर टेंशन बढ़ती रही तो तेल की कीमतें और ऊंचाई छू सकती हैं, जिसका सीधा असर भारत जैसे आयातक देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। पिछले सप्ताह की तेजी पर आज पूरी तरह ब्रेक लग गया।
वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बनी हुई है
बाजार विशेषज्ञों ने निवेशकों को सलाह दी है कि घबराहट में फैसला न लें और स्थिति साफ होने तक सतर्क रहें। वैश्विक स्तर पर भी अनिश्चितता बनी हुई है। यह गिरावट अमेरिका-ईरान टेंशन के कारण विश्व स्तर पर फैले भय का नतीजा है।
