अहमदाबाद। अहमदाबाद में हुए भीषण एयर इंडिया विमान हादसे में एकमात्र जीवित बचे यात्री विश्वास कुमार रमेश ने अपनी आपबीती साझा की। लंदन के गैटविक हवाई अड्डे के लिए उड़ान भरने वाला एयर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर (उड़ान AI171) टेकऑफ के कुछ ही मिनटों बाद मेघानी नगर में बीजे मेडिकल कॉलेज के छात्रावास परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
विमान में 230 यात्री और 12 क्रू मेंबर सहित 242 लोग सवार थे, जिनमें से 241 की मौत हो गई। विश्वास कुमार, जो सीट 11A पर बैठे थे, ने बताया कि उनकी जान आपातकालीन निकास द्वार के पास बैठने और विमान के टूटने के कारण बची।
विमान टेकऑफ के 30 सेकंड बाद टूट गया
विश्वास ने अहमदाबाद सिविल अस्पताल में डॉक्टरों को बताया, “विमान टेकऑफ के 30 सेकंड बाद टूट गया, और मेरी सीट उछलकर मलबे से बाहर आ गई।” उन्होंने कहा कि वे सीटबेल्ट के साथ ही बाहर फेंके गए, जिससे वे आग की लपटों से बच गए। एक वायरल वीडियो में घायल और खून से सने विश्वास को लंगड़ाते हुए एम्बुलेंस की ओर जाते देखा गया। उन्होंने कहा, “चारों ओर शव बिखरे थे, मैं डर गया था।” विश्वास अपने भाई अजय के साथ भारत में परिवार से मिलने आए थे। अजय, जो सीट 11J पर थे, की स्थिति अभी अस्पष्ट है।
नरेंद्र मोदी ने 13 जून को घटनास्थल का दौरा किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 जून को घटनास्थल का दौरा किया और सिविल अस्पताल में विश्वास सहित घायलों से मुलाकात की। उन्होंने हादसे को “हृदयविदारक” बताया। गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल और केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू भी मौके पर थे। जांच के लिए AAIB के नेतृत्व में एक समिति गठित की गई है, जिसमें बोइंग और NTSB के विशेषज्ञ शामिल हैं। ब्लैक बॉक्स की खोज जारी है, और प्रारंभिक जांच में बर्ड हिट या इंजन विफलता को कारण माना जा रहा है। एयर इंडिया ने हेल्पलाइन (1800 5691 444) जारी की है। यह हादसा बोइंग 787 का पहला घातक हादसा है।
